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Chandigarh-Haryana News: अब मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वालों को ही मिलेगी खाद
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मेरी फसल-मेरा ब्योरा से इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसानों को अब मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही खाद मिलेगी। 15 अगस्त को पंचकूला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। पंचकूला में योजना सफल होने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने केंद्र सरकार से समूचे हरियाणा में खाद पंजीकरण के बाद उपलब्ध कराने के लिए मंजूरी मांगी थी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) को एकीकृत कर दिया गया है। विभाग के सभी कृषि केंद्रों की तरफ से किसानों के पास संदेश भेजने की शुरुआत कर दी है जिससे किसान पंजीकरण करा सकें।
योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों के लिए अभी खाद से संबंधित कोई नियम-शर्त नहीं हैं। किसानों को सिर्फ पोर्टल पर पंजीकरण कराना है। इसी पंजीकरण के आधार पर किसानों को खाद मिल जाएगा। पंजीकरण के बाद जिन स्थानों से खाद खरीदेंगे वहां पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) पर संबंधित पंजीकरण नंबर भरा जाएगा। हाल ही कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की सहमति के बाद विभाग ने केंद्र सरकार से इसके लिए मंजूरी मांगी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसानों को अब मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही खाद मिलेगी। 15 अगस्त को पंचकूला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। पंचकूला में योजना सफल होने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने केंद्र सरकार से समूचे हरियाणा में खाद पंजीकरण के बाद उपलब्ध कराने के लिए मंजूरी मांगी थी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल से इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) को एकीकृत कर दिया गया है। विभाग के सभी कृषि केंद्रों की तरफ से किसानों के पास संदेश भेजने की शुरुआत कर दी है जिससे किसान पंजीकरण करा सकें।
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योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों के लिए अभी खाद से संबंधित कोई नियम-शर्त नहीं हैं। किसानों को सिर्फ पोर्टल पर पंजीकरण कराना है। इसी पंजीकरण के आधार पर किसानों को खाद मिल जाएगा। पंजीकरण के बाद जिन स्थानों से खाद खरीदेंगे वहां पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) पर संबंधित पंजीकरण नंबर भरा जाएगा। हाल ही कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की सहमति के बाद विभाग ने केंद्र सरकार से इसके लिए मंजूरी मांगी थी।
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