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निपुण मूल्यांकन: एक दिन में तीन लाख छात्रों की साक्षरता और गणितीय क्षमता की जांच
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फोटो -
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन के तहत एप के माध्यम से सोमवार को कक्षा 2 और 3 के लगभग तीन लाख छात्रों का राज्यव्यापी मूल्यांकन सफलतापूर्वक कराया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल की प्रगति का आकलन करना है ताकि वर्ष 2026-27 तक सार्वभौमिक स्तर पर इन क्षमताओं को हासिल किया जा सके। इसी तरह मंगलवार को संख्याओं और डाटा से संबंधित दैनिक जीवन की स्थितियों को समझने, विश्लेषण करने और उन पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने की क्षमता और आत्मविश्वास को लेकर मूल्यांकन होगा।
मूल्यांकन एक मानकीकृत उपकरण से किया गया जिसमें छात्रों के मौखिक पठन प्रवाह पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिक्षकों ने मोबाइल एप का उपयोग कर छात्रों का डाटा संकलित किया। इस प्रक्रिया से कक्षा-वार, ग्रेड-वार, स्कूल-वार और ब्लॉक स्तर तक निपुण और गैर निपुण छात्रों की स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आएगी। इससे शिक्षकों को बच्चों की सीखने की कमजोरियों और ताकत की पहचान कर स्तर 0, स्तर 1 और स्तर 2 के आधार पर उपचारात्मक शिक्षण देने में सुविधा होगी।
इस बड़े मूल्यांकन अभियान में 8 हजार से अधिक पर्यवेक्षक और विभागीय अधिकारी शामिल रहे जिन्होंने इसकी सफलता तय की। विभाग के अनुसार इसी प्रक्रिया के तहत छात्रों के संख्यात्मक कौशल का भी आकलन किया जाएगा। साक्षरता और संख्यात्मक दोनों मूल्यांकनों का विश्लेषण कर परिणाम जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह प्रयास न केवल छात्रों की प्रगति को ट्रैक करेगा बल्कि सीखने के परिणामों में भी ठोस सुधार लाएगा। तकनीक और मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली के उपयोग से हरियाणा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन के तहत एप के माध्यम से सोमवार को कक्षा 2 और 3 के लगभग तीन लाख छात्रों का राज्यव्यापी मूल्यांकन सफलतापूर्वक कराया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल की प्रगति का आकलन करना है ताकि वर्ष 2026-27 तक सार्वभौमिक स्तर पर इन क्षमताओं को हासिल किया जा सके। इसी तरह मंगलवार को संख्याओं और डाटा से संबंधित दैनिक जीवन की स्थितियों को समझने, विश्लेषण करने और उन पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने की क्षमता और आत्मविश्वास को लेकर मूल्यांकन होगा।
मूल्यांकन एक मानकीकृत उपकरण से किया गया जिसमें छात्रों के मौखिक पठन प्रवाह पर ध्यान केंद्रित किया गया। शिक्षकों ने मोबाइल एप का उपयोग कर छात्रों का डाटा संकलित किया। इस प्रक्रिया से कक्षा-वार, ग्रेड-वार, स्कूल-वार और ब्लॉक स्तर तक निपुण और गैर निपुण छात्रों की स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आएगी। इससे शिक्षकों को बच्चों की सीखने की कमजोरियों और ताकत की पहचान कर स्तर 0, स्तर 1 और स्तर 2 के आधार पर उपचारात्मक शिक्षण देने में सुविधा होगी।
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इस बड़े मूल्यांकन अभियान में 8 हजार से अधिक पर्यवेक्षक और विभागीय अधिकारी शामिल रहे जिन्होंने इसकी सफलता तय की। विभाग के अनुसार इसी प्रक्रिया के तहत छात्रों के संख्यात्मक कौशल का भी आकलन किया जाएगा। साक्षरता और संख्यात्मक दोनों मूल्यांकनों का विश्लेषण कर परिणाम जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह प्रयास न केवल छात्रों की प्रगति को ट्रैक करेगा बल्कि सीखने के परिणामों में भी ठोस सुधार लाएगा। तकनीक और मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली के उपयोग से हरियाणा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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