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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश के 1233 गांवों में साढ़े तीन लाख एकड़ से अधिक फसलें डूबी
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- डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू ने सभी उपायुक्तों को भेजा पत्र, गिरदावरी के लिए 15 दिन का और दिया समय
अमर उजाला ब्यूरो,चंडीगढ़।
हरियाणा में बरसात के चलते खेतों में खड़ी फसलों में नुकसान जारी है। मंगलवार तक प्रदेश के 1233 गांवों में 55108 किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। अभी तक प्रदेश में खरीफ की करीब 350263.59 एकड़ फसलें पानी में डूबी हुई हैं। वहीं, डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को पत्र भेजकर गिरदावरी के लिए 15 दिनों को बढ़ाने या निर्धारित समय में कटाैती करने के अधिकार दे दिए हैं।
प्रदेश में बरसात के चलते हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से पोर्टल खोला गया है। किसानों की तरफ से पोर्टल के माध्यम से नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है। यदि नुकसान की बात करें तो पोर्टल के माध्यम से रात 8 बजे तक दर्ज कराए गए ब्योरे के अनुसार, गुरुग्राम का 1, अंबाला के 60, फतेहाबाद के 21, हिसार के 81, झज्जर के 251, कैथल के 5, कुरुक्षेत्र के 95, पंचकूला के 5, मेवात के 159 गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हैं। इनके अलावा मेवात के 159, पलवल के 73, चरखी दादरी के 168, यमुना नगर के 808, रेवाड़ी के 7, रोहतक के 40 और सिरसा के 6 गांवों के किसानों की फसलें पानी में डूबी हुई हैं। दूसरी ओर, दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान जयबीर चहल ने गिरदावरी का समय 5 सितंबर से आगे बढ़ाने की मांग की थी, जिसमें एसोसिएशन ने डीएलआरओ(डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू) कार्यालय को 25 अगस्त को पत्र लिखकर मांग की थी कि गिरदावरी के समय में बढ़ोतरी की जाए। एसोसिएशन की मांग थी कि बरसात के चलते राजस्व कर्मचारियों को फील्ड में जाने में परेशानी हो रही है। खेतों से लेकर रास्तों में पानी भरे होने के कारण पटवारी और कानूनगो गिरदावरी नहीं कर पा रहे हैं। गिरदावरी का ब्योरा टैब में दर्ज किया जाता है, बरसात के चलते फील्ड में गिरदावरी के दाैरान टैब भी खराब होने का डर रहता है। एसोसिएशन ने डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू कार्यालय की ओर से मंगलवार को पत्र जारी करने के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश के सभी उपायुक्तों को गिरदावरी का समय 15 दिन बढ़ाने या उपायुक्त चाहें तो इन दिनों में कटाैती भी कर सकते हैं, यह अधिकार दिए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो,चंडीगढ़।
हरियाणा में बरसात के चलते खेतों में खड़ी फसलों में नुकसान जारी है। मंगलवार तक प्रदेश के 1233 गांवों में 55108 किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। अभी तक प्रदेश में खरीफ की करीब 350263.59 एकड़ फसलें पानी में डूबी हुई हैं। वहीं, डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को पत्र भेजकर गिरदावरी के लिए 15 दिनों को बढ़ाने या निर्धारित समय में कटाैती करने के अधिकार दे दिए हैं।
प्रदेश में बरसात के चलते हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से पोर्टल खोला गया है। किसानों की तरफ से पोर्टल के माध्यम से नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है। यदि नुकसान की बात करें तो पोर्टल के माध्यम से रात 8 बजे तक दर्ज कराए गए ब्योरे के अनुसार, गुरुग्राम का 1, अंबाला के 60, फतेहाबाद के 21, हिसार के 81, झज्जर के 251, कैथल के 5, कुरुक्षेत्र के 95, पंचकूला के 5, मेवात के 159 गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हैं। इनके अलावा मेवात के 159, पलवल के 73, चरखी दादरी के 168, यमुना नगर के 808, रेवाड़ी के 7, रोहतक के 40 और सिरसा के 6 गांवों के किसानों की फसलें पानी में डूबी हुई हैं। दूसरी ओर, दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान जयबीर चहल ने गिरदावरी का समय 5 सितंबर से आगे बढ़ाने की मांग की थी, जिसमें एसोसिएशन ने डीएलआरओ(डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू) कार्यालय को 25 अगस्त को पत्र लिखकर मांग की थी कि गिरदावरी के समय में बढ़ोतरी की जाए। एसोसिएशन की मांग थी कि बरसात के चलते राजस्व कर्मचारियों को फील्ड में जाने में परेशानी हो रही है। खेतों से लेकर रास्तों में पानी भरे होने के कारण पटवारी और कानूनगो गिरदावरी नहीं कर पा रहे हैं। गिरदावरी का ब्योरा टैब में दर्ज किया जाता है, बरसात के चलते फील्ड में गिरदावरी के दाैरान टैब भी खराब होने का डर रहता है। एसोसिएशन ने डारेक्टर लैंड रिकार्ड रेवेन्यू कार्यालय की ओर से मंगलवार को पत्र जारी करने के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश के सभी उपायुक्तों को गिरदावरी का समय 15 दिन बढ़ाने या उपायुक्त चाहें तो इन दिनों में कटाैती भी कर सकते हैं, यह अधिकार दिए हैं।
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