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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Monsoon will arrive in the state around 24 June So far, 31 percent more rain than normal.

Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में 24 जून के आसपास आएगा मानसून अब तक सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश

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एक मार्च से लेकर 11 मई तक कुल 39 मिलीमीटर ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई
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मानसून में सामान्य से अधिक वर्षा होने की मौसम विभाग ने जताई संभावना
चंडीगढ़। हरियाणा के लिए प्री मानसून और मानसून की खबर राहत देने वाली है। प्रदेश में इस बार मानसून चार से पांच दिन पहले, यानी 20 से 24 जून के आसपास प्रवेश कर सकता है। आमतौर पर जून के आखिरी सप्ताह में पहुंचता है। मानसून में इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग एक मार्च से मानसून के प्रवेश तक होने वाली बारिश को प्री मानसून मानता है। इस बार प्री मानसून में 11 मई तक प्रदेश में सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा, कुल 39 मिलीमीटर (एमएम) बारिश हुई। अभी और बारिश की संभावना है। यानी इस बार हरियाणा में जमकर मेघ बरसेंगे।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान जताया है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से चार दिन पहले, एक जून को केरल के रास्ते देश में प्रवेश करेगा। उम्मीद जताई जा है कि हरियाणा में भी यह समय से पहले प्रवेश करेगा। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में मानसून प्रवेश करने की संभावित तिथि 28 जून से दो जुलाई है। पिछले साल 27 जून को मानसून ने हरियाणा में प्रवेश किया था और दो जुलाई को पूरे प्रदेश को कवर कर लिया था। यानी समय से एक दिन पहले मानसून पहुंच गया था।
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2023 में मानसून ने 23 जून को हरियाणा में प्रवेश किया था और दो जुलाई को पूरे प्रदेश को कवर कर लिया था। अब तक सबसे जल्दी मानसून 2008 में 13 जून को पहुंचा था, वहीं सबसे देरी से 1987 में। उस साल मानसून के लिए काफी इंतजार करना पड़ा था। 27 जुलाई को मानसून आया था।
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400 से 450 एमएम होती है हरियाणा में मानसून की बारिश
मानसून सीजन के दौरान हरियाणा में करीब 400 से 450 मिलीमीटर के आसपास बारिश होती रही है। पिछले साल 409.4 एमएम बारिश हुई थी, जो सामान्य से पांच फीसदी कम थी। 2023 में 419.3 एमएम बारिश हुई थी, जो सामान्य से एक फीसदी कम थी। 1901 से लेकर 2024 तक मानसून सीजन में सबसे ज्यादा बारिश 1988 में 1108.2 एमएम हुई थी। सबसे कम बारिश 1918 में सिर्फ 196.2 एमएम बारिश हुई थी। उस साल काफी सूखा पड़ा था। 2018 में 415 एमएम और 2020 में 376.1 एमएम बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश की संभावना जुलाई और अगस्त में जताई गई है। सितंबर में मानसून की विदाई होने लगती है।



इस बार मानसून समय पर और जल्दी आने की संभावना है। अभी जो स्थितियां हैं, उनके मुताबिक 25 जून के आसपास मानसून पहुंचने के आसार बन रहे हैं। जब मानसून मध्यप्रदेश के आसपास पहुंचेगा तो स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

- सुरेंद्र पाल, निदेशक मौसम विभाग, चंडीगढ़
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