{"_id":"693417693a96f4463d065470","slug":"jinds-deputy-director-of-agriculture-gets-a-clean-chit-the-government-withdraws-the-suspension-order-haryana-news-chandigarh-haryana-news-c-16-pkl1010-889936-2025-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: जींद के कृषि उपनिदेशक को क्लीन चिट, सरकार ने वापस लिए निलंबन आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: जींद के कृषि उपनिदेशक को क्लीन चिट, सरकार ने वापस लिए निलंबन आदेश
विज्ञापन
कीटनाशक उत्पादन इकाई में अवैध ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के बाद किए गए थे निलंबित
-दो कमेटियों की जांच में सबूत और तथ्य पेश नहीं कर पाया शिकायतकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सफीदों में एक कीटनाशक उत्पादन इकाई में अवैध रूप से की जा रही ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के बाद निलंबित हुए जींद के कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल को सरकार ने क्लीन चिट दे दी है। कृषि और कृषक कल्याण विभाग हरियाणा की ओर से उनका निलंबन आदेश वापस ले लिया गया है। इस मामले में अतिरिक्त निदेशक रोहताश सिंह और राजेंद्र सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में दो बार जांच कमेटियां गठित की गई थीं मगर शिकायतकर्ता जांच के दौरान सबूत व तथ्य पेश नहीं कर पाया। जिसके बाद कमेटी ने कृषि उपनिदेशक को क्लीन चिट दी। अपने निलंबन आदेश को उपनिदेशक गिरीश नागपाल ने हाईकोर्ट में भी चुनौती दी थी। जिसके बाद इस आदेश पर स्टे लगा दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा हुआ है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने बताया कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जींद के सफीदों में एक कीटनाशक उत्पादन इकाई में दबिश दी थी। शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दी। मामले की जांच के लिए अगस्त व दिसंबर 2024 में गठित की गईं। आला अफसरों की दोनों जांच कमेटियों ने शिकायतकर्ता को पांच बार कमेटी के समक्ष पेश होकर संबंधित शिकायत के संदर्भ में सबूत और तथ्य पेश करने को कहा लेकिन एक बार भी शिकायतकर्ता कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुआ। दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के बाद अब कृषि और कृषक कल्याण विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने जींद के कृषि उपनिदेशक को इस मामले में क्लीन चिट देते हुए उनका निलंबन आदेश वापस ले लिया है।
विज्ञापन
-दो कमेटियों की जांच में सबूत और तथ्य पेश नहीं कर पाया शिकायतकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सफीदों में एक कीटनाशक उत्पादन इकाई में अवैध रूप से की जा रही ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के बाद निलंबित हुए जींद के कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल को सरकार ने क्लीन चिट दे दी है। कृषि और कृषक कल्याण विभाग हरियाणा की ओर से उनका निलंबन आदेश वापस ले लिया गया है। इस मामले में अतिरिक्त निदेशक रोहताश सिंह और राजेंद्र सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में दो बार जांच कमेटियां गठित की गई थीं मगर शिकायतकर्ता जांच के दौरान सबूत व तथ्य पेश नहीं कर पाया। जिसके बाद कमेटी ने कृषि उपनिदेशक को क्लीन चिट दी। अपने निलंबन आदेश को उपनिदेशक गिरीश नागपाल ने हाईकोर्ट में भी चुनौती दी थी। जिसके बाद इस आदेश पर स्टे लगा दिया गया था। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में हरियाणा सरकार से जवाब मांगा हुआ है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने बताया कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद जींद के सफीदों में एक कीटनाशक उत्पादन इकाई में दबिश दी थी। शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दी। मामले की जांच के लिए अगस्त व दिसंबर 2024 में गठित की गईं। आला अफसरों की दोनों जांच कमेटियों ने शिकायतकर्ता को पांच बार कमेटी के समक्ष पेश होकर संबंधित शिकायत के संदर्भ में सबूत और तथ्य पेश करने को कहा लेकिन एक बार भी शिकायतकर्ता कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुआ। दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के बाद अब कृषि और कृषक कल्याण विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल ने जींद के कृषि उपनिदेशक को इस मामले में क्लीन चिट देते हुए उनका निलंबन आदेश वापस ले लिया है।
विज्ञापन