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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   International trade will be back on track after ceasefire, 60 percent of bookings have been cancelled.

Chandigarh-Haryana News: युद्ध विराम से फिर पटरी पर लाैटेगा अंतरराष्ट्रीय व्यापार, 60 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी रद्द

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गुजरात के मुंद्रा और पिपावाव बंदरगाहों से उत्तर भारत में होता है 80 प्रतिशत आयात-निर्यात
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माल ढुलाई से जुड़ी कंपनियों की बुकिंग रद्द होने से मुंबई नवाशिवा बंदरगाह पर बढ़ा है बोझ
चंडीगढ़। भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। उद्यमियों और व्यापारियों ने अनिश्चितता के चलते शनिवार तक गुजरात के मुंद्रा और पिवावाव बंदरगाहों से आयात-निर्यात की 55 से 60 प्रतिशत तक बुकिंग रद्द करवा दी। उत्तर भारत के राज्यों में 80 प्रतिशत आयात-निर्यात इसी बंदरगाह से होता है। अब मुंबई स्थित नवाशिवा बंदरगाह पर माल ढुलाई का बोझ बढ़ने लगा है। युद्ध विराम की घोषणा से फिर से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के पटरी पर लाैटने के आसार हैं।
अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर सुमित भ्याना ने बताया कि मेरे अलावा कई दूसरी कंपनियां यूरोपीय देश, अमेरिका, थाईलैंड, मलेशिया, ताईवान, वियतनाम, मलेशिया, चीन आदि से माल ढुलाई का कार्य करते हैं। इन देशों से कच्चा माल व तैयार माल आता है। मुंद्रा और पिवावाव बंदरगाहों की जो बुकिंग रद्द हुई हैं, उससे नुकसान हो रहे हैं। जो माल रास्ते में हैं, उसके आयात-निर्यात के लिए मुंबई बंदरगाह पर बोझ बढ़ रहा है। वहां ऑपरेशन (माल उतारने-भरने) के लिए भी पर्याप्त मशीनरी सिस्टम क्षमता से अधिक चाहिए। एक कार्गो को खाली करने में औसतन छह से आठ घंटे या इससे अधिक समय लगता है। शनिवार दोपहर तक अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई से जुड़ी कंपनियां चिंतित थीं। इसके कई कारण हैं। एक तो पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं हो रहा, ऐसे में दूसरे वैकल्पिक रास्तों से माल ढुलाई का खर्चा बढ़ रहा है। खासकर अरब और यूरोपियन देशों का, यदि दोनों देशों में तुरंत तनाव कम नहीं हुआ तो जलमार्ग-वायु मार्ग से माल ढुलाई के दाम निश्चित ताैर से बढ़ने के आसार हैं।
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उत्तर भारत के राज्यों से यह होता है आयात-निर्यात

अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्टेशन कंपनियों से जुड़े दिल्ली में तैनात महाप्रबंधक श्रीनिवासन और मुंबई में तैनात अभिज्ञान पात्रा ने बताया कि दिल्ली से मशीनरी, गारमेंट, फर्नीचर कार फैक्टरियों के पुर्जे, हैंडीक्राफ्ट, कच्चा माल, सोयाबिन, स्टील व अनाज का आयात-निर्यात होता है। पंजाब से इंजीनियरिंग गुड्स, साइकिल व उसके पार्ट और कपड़ा व धागा व्यापार में शामिल होता है। गुरुग्राम, सोनीपत, अंबाला से मशीनरी, रोहतक से नट-बोल्ट, पानीपत से कंबल-कपड़े का आयात-निर्यात होता है। हरियाणा से अनाज के आयात-निर्यात का अधिकतर कार्य नवाशिवा बंदरगाह से होता है। फिलहाल आयात-निर्यात से जुड़ी वस्तुओं की ढुलाई में समय लग रहा है। कच्चा माल का भी आयात-निर्यात कुछ दिन की देरी से है, शांतिपूर्ण हालात रहे तो व्यापार पटरी पर लाैटेगा।
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कारोबार हुआ है प्रभावित

व्हीलचेयर और मेडिकल उपकरण तैयार करने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक अंशू ऐरन का कहना है कि कारोबार प्रभावित हुआ है। माल भी देरी से पहुंच रहा है। ऑर्डर के बावजूद तैयार माल देरी से पहुंच रहा है। व्हीलचेयर, बेड व दूसरे मेडिकल उपकरणों की खरीद में वृद्धि देखने को मिल रही है।

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फोटो संख्या : 01 और 02
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