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जुनैद खान हत्याकांड: मुख्य आरोपी की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
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कहा-गवाहों को सुरक्षित माहौल में बयान दर्ज कराने का अवसर देना जरूरी
-बयान दर्ज होने के बाद आरोपी को जमानत याचिका दायर करने की दी स्वतंत्रता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 2017 के चर्चित जुनैद खान हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी नरेश को झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और गवाहों को सुरक्षित माहौल में बयान दर्ज कराने का अवसर देना जरूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद आरोपी जमानत के लिए फिर से याचिका दायर कर सकता है।
चीफ जस्टिस शील नागू ने आदेश सुनाते हुए कहा कि अभी दो प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही बाकी है और आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित होने की संभावना हो सकती है।
जून 2017 को 16 साल का जुनैद खान दिल्ली से ईद की खरीदारी कर अपने घर लौट रहा था। आरोपों के अनुसार मथुरा जाने वाली ट्रेन में धार्मिक टिप्पणियों के बाद उसका विवाद हुआ और बाद में उस पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना में जुनैद के भाई और दो चचेरे भाइयों पर भी हमला किया गया था। पुलिस ने नरेश समेत छह लोगों पर हत्या, हत्या के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया था। फरीदाबाद की ट्रायल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। जलालुद्दीन ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नवंबर 2017 में उनकी यह मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मार्च 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने जुनैद के पिता जलालुद्दीन की याचिका पर ट्रायल पर रोक लगा दी थी।
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-बयान दर्ज होने के बाद आरोपी को जमानत याचिका दायर करने की दी स्वतंत्रता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 2017 के चर्चित जुनैद खान हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी नरेश को झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और गवाहों को सुरक्षित माहौल में बयान दर्ज कराने का अवसर देना जरूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद आरोपी जमानत के लिए फिर से याचिका दायर कर सकता है।
चीफ जस्टिस शील नागू ने आदेश सुनाते हुए कहा कि अभी दो प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की गवाही बाकी है और आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित होने की संभावना हो सकती है।
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जून 2017 को 16 साल का जुनैद खान दिल्ली से ईद की खरीदारी कर अपने घर लौट रहा था। आरोपों के अनुसार मथुरा जाने वाली ट्रेन में धार्मिक टिप्पणियों के बाद उसका विवाद हुआ और बाद में उस पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना में जुनैद के भाई और दो चचेरे भाइयों पर भी हमला किया गया था। पुलिस ने नरेश समेत छह लोगों पर हत्या, हत्या के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया था। फरीदाबाद की ट्रायल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। जलालुद्दीन ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नवंबर 2017 में उनकी यह मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मार्च 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने जुनैद के पिता जलालुद्दीन की याचिका पर ट्रायल पर रोक लगा दी थी।
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