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Chandigarh-Haryana News: हिसार के लाल नरेंद्र कुमार ने माउंट मनास्लु पर लहराया तिरंगा
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नरेंद्र (स्वत)
- फोटो : self
चंडीगढ़। हिसार के नलवा हलके के गांव मिंगनी खेड़ा के साहसी बेटे व पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने देश का तिरंगा विश्व की आठवीं सबसे ऊंची और दुर्गम चोटी माउंट मनास्लु (8163 मीटर) पर फहराया है। उन्होंने यह चढ़ाई 22 सितंबर की सुबह 6 बजे पूरी कर हरियाणा ही नहीं पूरे देश का मान बढ़ाया है। नरेंद्र कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिट इंडिया मुहिम के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। वे युवाओं को नशे से दूर रहने और फिटनेस अपनाने का संदेश देते हैं।
नरेंद्र कुमार ने इस कठिन अभियान की शुरुआत सात सितंबर 2025 को की और मात्र 15 दिनों में इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। चढ़ाई के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रास्ते में मौसम बेहद खराब था तापमान -40 डिग्री तक गिर गया और हिमस्खलन का खतरा लगातार बना रहा लेकिन नरेंद्र ने हिम्मत और जुनून के बल पर शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
नरेंद्र ने पर्वतारोहण की शुरुआत 2019 में अटल बिहारी इंस्टीट्यूट मनाली से बेसिक कोर्स से की और 2021 में हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग से एडवांस कोर्स किया। उनके पिता सुभाष चंद्र जो एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हैं हमेशा उन्हें प्रेरणा और सहयोग देते रहे हैं। इससे पहले नरेंद्र दुनिया की दसवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट अन्नपूर्णा (8091 मीटर) और विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी माउंट ल्होत्से (8516 मीटर) पर चढ़ाई कर चुके हैं।
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नरेंद्र कुमार ने इस कठिन अभियान की शुरुआत सात सितंबर 2025 को की और मात्र 15 दिनों में इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। चढ़ाई के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रास्ते में मौसम बेहद खराब था तापमान -40 डिग्री तक गिर गया और हिमस्खलन का खतरा लगातार बना रहा लेकिन नरेंद्र ने हिम्मत और जुनून के बल पर शिखर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
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नरेंद्र ने पर्वतारोहण की शुरुआत 2019 में अटल बिहारी इंस्टीट्यूट मनाली से बेसिक कोर्स से की और 2021 में हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग से एडवांस कोर्स किया। उनके पिता सुभाष चंद्र जो एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हैं हमेशा उन्हें प्रेरणा और सहयोग देते रहे हैं। इससे पहले नरेंद्र दुनिया की दसवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट अन्नपूर्णा (8091 मीटर) और विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी माउंट ल्होत्से (8516 मीटर) पर चढ़ाई कर चुके हैं।
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