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Chandigarh-Haryana News: सख्ती का असर, छह महीने में ढाई गुना जब्त की गई हेरोइन
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साल के पहले छह महीने में 148 किलोग्राम पकड़ी गई अफीम, पिछले साल 117 किलोग्राम जब्त की गई थी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ अमर उजाला की ओर से चलाए गए अभियान का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। पिछले साल के पहले छह महीनों के मुकाबले इस बार हेरोइन व कोकीन अधिक जब्त की गई है। हरियाणा के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) के मुताबिक पिछले साल जनवरी से जून तक कुल 11.63 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई जबकि इसी अवधि में इस साल कुल 30.84 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई, जो करीब ढाई गुना अधिक है। वहीं, पिछले साल कोकीन 12.26 ग्राम पकड़ी गई थी जबकि इस बार 179 ग्राम कोकीन जब्त की गई। यह पिछले साल की तुलना में करीब 14 गुना अधिक है। इसी तरह पिछले साल 117 किलोग्राम अफीम पकड़ी गई थी। इस साल 148 किलोग्राम पकड़ी गई है।
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हरियाणा में हेरोइन, कोकीन, अफीम की तस्करी बढ़ने के साथ पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ाई है। वहीं, गांजा तस्करी में गिरावट का ट्रेंड देखा गया है। इस साल पहले छह महीनों में केवल 3,625 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया जबकि 2024 में यह 4,009 किलोग्राम था। इसी तरह नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की तस्करी पर भी शिकंजा कसा गया है। वाणिज्यिक मात्रा के मामलों की संख्या 2024 में 166 थी जो इस साल बढ़कर 233 हो गई, जो करीब 29 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है। एचएसएनसीबी के प्रमुख ओपी सिंह का कहना है कि पहले छह महीने में अधिक गिरफ्तारियां व नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। नारकोटिक्स ब्यूरो का लक्ष्य छोटे-मोटे तस्करों को पकड़ने के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर है। इस दिशा में ब्यूरो सख्ती से काम कर रहा है।
रोजाना 17 छोटे-बड़े तस्कर पकड़े गए
सख्ती का नतीजा यह है कि साल के पहले छह महीने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1858 एफआईआर दर्ज की गई हैं जिनमें 3051 छोटे-बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यानी रोजाना 17 तस्कर पकड़े गए और 11 एफआईआर दर्ज की गईं। वहीं पिछले साल की तुलना करें तो पहले छह महीने में 1657 एफआईआर दर्ज हुईं थीं जबकि 1857 तस्करों की गिरफ्तारियां हुईं थीं। वहीं, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को भी खत्म करने की दिशा में भी आंकड़ों के मुताबिक प्रगति दिखती है। पिछले साल प्रदेश के बाहर से 471 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी जबकि इस साल 850 आरोपियों की गिरफ्तारियां की गई है। वहीं, पुलिस ने अब तक तस्करों की 87.19 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है, जबकि 2024 में यह 23.40 लाख रुपये थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ अमर उजाला की ओर से चलाए गए अभियान का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। पिछले साल के पहले छह महीनों के मुकाबले इस बार हेरोइन व कोकीन अधिक जब्त की गई है। हरियाणा के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) के मुताबिक पिछले साल जनवरी से जून तक कुल 11.63 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई जबकि इसी अवधि में इस साल कुल 30.84 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई, जो करीब ढाई गुना अधिक है। वहीं, पिछले साल कोकीन 12.26 ग्राम पकड़ी गई थी जबकि इस बार 179 ग्राम कोकीन जब्त की गई। यह पिछले साल की तुलना में करीब 14 गुना अधिक है। इसी तरह पिछले साल 117 किलोग्राम अफीम पकड़ी गई थी। इस साल 148 किलोग्राम पकड़ी गई है।
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हरियाणा में हेरोइन, कोकीन, अफीम की तस्करी बढ़ने के साथ पुलिस ने भी सतर्कता बढ़ाई है। वहीं, गांजा तस्करी में गिरावट का ट्रेंड देखा गया है। इस साल पहले छह महीनों में केवल 3,625 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया जबकि 2024 में यह 4,009 किलोग्राम था। इसी तरह नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की तस्करी पर भी शिकंजा कसा गया है। वाणिज्यिक मात्रा के मामलों की संख्या 2024 में 166 थी जो इस साल बढ़कर 233 हो गई, जो करीब 29 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है। एचएसएनसीबी के प्रमुख ओपी सिंह का कहना है कि पहले छह महीने में अधिक गिरफ्तारियां व नशीला पदार्थ जब्त किया गया है। नारकोटिक्स ब्यूरो का लक्ष्य छोटे-मोटे तस्करों को पकड़ने के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर है। इस दिशा में ब्यूरो सख्ती से काम कर रहा है।
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रोजाना 17 छोटे-बड़े तस्कर पकड़े गए
सख्ती का नतीजा यह है कि साल के पहले छह महीने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1858 एफआईआर दर्ज की गई हैं जिनमें 3051 छोटे-बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यानी रोजाना 17 तस्कर पकड़े गए और 11 एफआईआर दर्ज की गईं। वहीं पिछले साल की तुलना करें तो पहले छह महीने में 1657 एफआईआर दर्ज हुईं थीं जबकि 1857 तस्करों की गिरफ्तारियां हुईं थीं। वहीं, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को भी खत्म करने की दिशा में भी आंकड़ों के मुताबिक प्रगति दिखती है। पिछले साल प्रदेश के बाहर से 471 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी जबकि इस साल 850 आरोपियों की गिरफ्तारियां की गई है। वहीं, पुलिस ने अब तक तस्करों की 87.19 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है, जबकि 2024 में यह 23.40 लाख रुपये थी।
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