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Chandigarh-Haryana News: सरचार्ज वसूली के लिए नियमों में मांगी ढील पर अब 10 जून को सुनवाई
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- एचईआरसी ने वीरवार को सुनवाई स्थगित कर दी, जनसुनवाई के बाद ही सरचार्ज पर होगा फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों द्वारा फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) वसूली नियमों में ढील मांगने संबंधी याचिका पर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 14 मई को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित कर दी। अब इस मामले की सुनवाई 10 जून को होगी।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने अतिरिक्त बिजली खरीद लागत को मासिक आधार के बजाय आगामी वर्षों में 47 पैसे प्रति यूनिट की समान दर से वसूलने की अनुमति मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हितों को देखते हुए सभी पक्षों की सुनवाई के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है तो बिजली बिल अपेक्षाकृत स्थिर रह सकते हैं लेकिन इससे उपभोक्ताओं को बाद में बिजली बिल के साथ अतिरिक्त ब्याज जैसी लागत भी चुकानी पड़ सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों द्वारा फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) वसूली नियमों में ढील मांगने संबंधी याचिका पर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने 14 मई को प्रस्तावित जनसुनवाई स्थगित कर दी। अब इस मामले की सुनवाई 10 जून को होगी।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने अतिरिक्त बिजली खरीद लागत को मासिक आधार के बजाय आगामी वर्षों में 47 पैसे प्रति यूनिट की समान दर से वसूलने की अनुमति मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हितों को देखते हुए सभी पक्षों की सुनवाई के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव मंजूर होता है तो बिजली बिल अपेक्षाकृत स्थिर रह सकते हैं लेकिन इससे उपभोक्ताओं को बाद में बिजली बिल के साथ अतिरिक्त ब्याज जैसी लागत भी चुकानी पड़ सकती है।
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