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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा को नवाचार के लिए पसंदीदा स्थल के रूप में और किया जाएगा विकसित
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विनियमन और व्यापार सुधारों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना हरियाणा
चंडीगढ़। हरियाणा को निवेश और नवाचार के लिए पसंदीदा स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा शासन मॉडल बनाना है, जो सुरक्षा या जवाबदेही से समझौता किए बिना उद्योगों को बढ़ावा दे। लाल फीताशाही को कम करके और डिजिटल समाधानों को अपनाने के लिए और बेहतर प्रयोग होंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्च स्तरीय विनियमन समीक्षा बैठक की गई। बैठक के दाैरान मुख्य सचिव ने बताया कि हरियाणा ने विनियमन और अनुपालन में कमी करके स्वयं को व्यापार-अनुकूल राज्य के तौर पर स्थापित किया है। सुधारों के इस सफर में क्षमता निर्माण कार्यशालाओं, एमआईएस ओरियंटेड सत्रों और औद्योगिक आउटरीच के माध्यम से हितधारकों के साथ निरंतर जुड़ाव शामिल है।
अब सुरक्षा उपायों के साथ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की भागीदारी की अनुमति दी गई है। रात्रि पाली में महिलाओं के रोजगार की शर्तों को युक्तिसंगत बनाया गया है, अनिवार्य अनुमतियां हटा दी गई हैं, कोरम की आवश्यकताएं कम की गई हैं और साझा परिवहन व जीपीएस-सक्षम वाहनों जैसे सुरक्षा प्रोटोकॉल पेश किए गए हैं।
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इसके अलावा नौकरी से हटाने, छंटनी करने और किसी इकाई को बंद करने के लिए सरकार से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी गई है। उद्योगों के लिए परिचालन संबंधी लचीलापन बढ़ाने के उद्देश्य से काम के घंटे और ओवरटाइम सीमा बढ़ाने के लिए भी संशोधन प्रस्तावित हैं। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना और शहरी संपदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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चंडीगढ़। हरियाणा को निवेश और नवाचार के लिए पसंदीदा स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा शासन मॉडल बनाना है, जो सुरक्षा या जवाबदेही से समझौता किए बिना उद्योगों को बढ़ावा दे। लाल फीताशाही को कम करके और डिजिटल समाधानों को अपनाने के लिए और बेहतर प्रयोग होंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उच्च स्तरीय विनियमन समीक्षा बैठक की गई। बैठक के दाैरान मुख्य सचिव ने बताया कि हरियाणा ने विनियमन और अनुपालन में कमी करके स्वयं को व्यापार-अनुकूल राज्य के तौर पर स्थापित किया है। सुधारों के इस सफर में क्षमता निर्माण कार्यशालाओं, एमआईएस ओरियंटेड सत्रों और औद्योगिक आउटरीच के माध्यम से हितधारकों के साथ निरंतर जुड़ाव शामिल है।
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अब सुरक्षा उपायों के साथ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की भागीदारी की अनुमति दी गई है। रात्रि पाली में महिलाओं के रोजगार की शर्तों को युक्तिसंगत बनाया गया है, अनिवार्य अनुमतियां हटा दी गई हैं, कोरम की आवश्यकताएं कम की गई हैं और साझा परिवहन व जीपीएस-सक्षम वाहनों जैसे सुरक्षा प्रोटोकॉल पेश किए गए हैं।
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इसके अलावा नौकरी से हटाने, छंटनी करने और किसी इकाई को बंद करने के लिए सरकार से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी गई है। उद्योगों के लिए परिचालन संबंधी लचीलापन बढ़ाने के उद्देश्य से काम के घंटे और ओवरटाइम सीमा बढ़ाने के लिए भी संशोधन प्रस्तावित हैं। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना और शहरी संपदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल आदि शामिल रहे।