रोडवेज बसों की होगी ट्रैकिंग: रेलवे की तर्ज पर जान सकेंगे लोकेशन, जल्द लॉन्च होगी एप
हरियाणा परिवहन निगम की बसों की लोकेशन भी आम लोग मोबाइल एप के माध्यम से पता कर सकेंगे। जल्द ही इसके लिए एप लॉन्च होगी जिससे बसों की लोकेशन के साथ ही निर्धारित स्थान पर पहुंचने का समय भी पता चल सकेगा।
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ट्रेन की तरह हरियाणा परिवहन निगम की बसों की लोकेशन भी आम लोग मोबाइल एप के माध्यम से पता कर सकेंगे। राज्य परिवहन निगम ने हरसेक (हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर) के साथ मिलकर इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। हरसेक की मदद से जल्द जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) मैप तैयार किया जाएगा जिससे बसों की लोकेशन के साथ ही निर्धारित स्थान पर पहुंचने का समय भी पता चल सकेगा। एप के माध्यम से आम लोग बसों के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
हरियाणा रोडवेज की करीब चार हजार बसों का संचालन होता है। राज्य परिवहन निगम की बसों की लोकेशन की जानकारी को लेकर सरकार ने 2025-26 के बजट में घोषणा की थी। निगम की बसों की लाइव लोकेशन के लिए हरसेक की मदद से जीआईएस (जियोग्राफिक इनफार्मेशन सिस्टम) और जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) से लैस सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा। इसके लिए कुछ दिन पहले ही मुख्यालय ने प्रदेश के सभी 24 डिपो व सब डिपो से चलने वाली सभी बसों का ब्योरा लिया है। इसमें बसों की पंजीकरण संख्या सहित पूरी समय सारिणी नए सिरे से तैयार कराई गई है। परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार बसों की लोकेशन को लेकर पूरी योजना पर मंथन हो चुका है। अब केवल उसे धरातल पर उतारना शेष है। अगले चार माह में काम पूरा करके एप लॉन्च करने की योजना है।
एप से पता कर सकेंगे बस की लोकेशन
हरसेक की मदद से बसों में लगाए गए जीआईएस-जीपीएस के माध्यम से बसों की ट्रैकिंग होगी। हरियाणा परिवहन निगम एक एप (मोबाइल एप्लीकेशन) तैयार कराएगा। आमजन अपने मोबाइल में एप के माध्यम से बसों का नंबर, ऑनलाइन बुकिंग, बस अब तक कहां पहुंची, यह देख सकेंगे। एप पर बस का नंबर और कहां से कहां तक जाना है यह ब्योरा भरते ही बस की लोकेशन सामने आ जाएगी। यदि बस नंबर पता नहीं है तो संबंधित रूट पर चलने वाली बस की समय सारिणी के अनुसार भी बस की लोकेशन पता किया जा सकेगा।
एनआईसी भी करेगा मदद
इस योजना पर हरसेक के साथ एनआईसी (नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर) भी काम करेगा। हरियाणा रोडवेज की बसों का पंजीकरण जिन जिलों में होता है वह पंजीकण नंबर भी सॉफ्टवेयर में दर्ज किए जाएंगे। इस कार्य में एनआईसी मदद करेगा।
एप लांच होने से आमजन को बसों का इंतजार नहीं करना होगा और समय की बचत होगी। इसके अलावा किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में बस की लोकेशन तलाशने में मदद मिलेगी जिससे तुरंत राहत-बचाव कार्य भी किया जा सकेगा। -अनिल विज, परिवहन मंत्री, हरियाणा