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Chandigarh-Haryana News: तेज दौड़ा हरियाणा…जिंदगी रह गई पीछे
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एनसीआरबी रिपोर्ट में खुलासा : सड़क हादसों में हरियाणा देशभर में 10वें नंबर पर, पिछले साल 5,533 लोगों की मौत, सबसे ज्यादा शिकार बने युवा
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा की सड़कों पर रफ्तार जानलेवा होती जा रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते साल 5,533 लोगों की सड़क हादसों में जान गई। इनमें 4,501 पुरुष और 832 महिलाएं शामिल थीं। यानी हर रोज करीब 15 लोग सफर से घर नहीं लौट पाए।
देशभर के कुल हादसों में हरियाणा की हिस्सेदारी 3.4 फीसदी रही। इस डरावने आंकड़े ने हरियाणा को देश का 10वां सबसे अधिक सड़क हादसे वाला राज्य बना दिया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 18 से 30 साल के युवाओं में 3,533 की मौत हुई, यानी हर तीन में से एक हादसाग्रस्त व्यक्ति युवा था। विशेषज्ञ मानते हैं कि तेज रफ्तार, मोबाइल फोन पर बात करना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हरियाणा में सड़क हादसों के सबसे बड़े कारण बन चुके हैं। हरियाणा के मुकाबले महाराष्ट्र (12,057 मौतें), मध्य प्रदेश (8,645), तमिलनाडु (8,637), कर्नाटक (7,546) और गुजरात (7,240) जैसे बड़े राज्य शीर्ष पर रहे हैं।
नाबालिगों से लेकर जवानों तक, सड़कें बनीं मौत की राह
रिपोर्ट में बताया गया है कि 14 साल से कम उम्र के 491 बच्चे और 14 से 18 साल के 738 किशोर हादसों की भेंट चढ़ गए। वहीं, 18 से 30 साल की उम्र के 4,688 युवाओं की जान चली गई। इनमें 4,003 पुरुष और 685 महिलाएं शामिल थीं। हरियाणा में युवा आबादी सबसे ज्यादा सक्रिय रूप से वाहन चलाती है लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी उनके लिए जानलेवा साबित हो रही है।
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कौन से वाहन सबसे ज्यादा हादसों का शिकार बने
1,685 - दोपहिया वाहन चालक
1,486 - साइकिल सवार और पैदल यात्री
1,355 - कार, टैक्सी, वैन या हल्के वाहन
810 - ट्रक, बस या भारी वाहन
179 - अन्य श्रेणियां
रफ्तार और लापरवाही बना जानलेवा कॉम्बिनेशन
64% हादसे - तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण
10% - गलत दिशा में ड्राइविंग
7% - मोबाइल इस्तेमाल करते समय ड्राइविंग
7% - बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और रेड लाइट जंप
12% - अन्य कारण, जिनमें सामने वाले चालक की लापरवाही भी शामिल
स्रोत : एनसीआरबी
वर्जन -
प्रदेश में सड़क हादसों को कम करते हुए न के बराबर लेकर जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए सभी एसपी, कमिश्नर के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस जागरूकता सहित अन्य तरह की पहल कर रही है। ज्यादातर हादसे ट्रैफिक नियमों के पालन न करने के कारण होते है, इसलिए नियमों के पालन करने की जनता से लगातार अपील की जा रही है।
-ओपी सिंह, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा
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कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा की सड़कों पर रफ्तार जानलेवा होती जा रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते साल 5,533 लोगों की सड़क हादसों में जान गई। इनमें 4,501 पुरुष और 832 महिलाएं शामिल थीं। यानी हर रोज करीब 15 लोग सफर से घर नहीं लौट पाए।
देशभर के कुल हादसों में हरियाणा की हिस्सेदारी 3.4 फीसदी रही। इस डरावने आंकड़े ने हरियाणा को देश का 10वां सबसे अधिक सड़क हादसे वाला राज्य बना दिया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि 18 से 30 साल के युवाओं में 3,533 की मौत हुई, यानी हर तीन में से एक हादसाग्रस्त व्यक्ति युवा था। विशेषज्ञ मानते हैं कि तेज रफ्तार, मोबाइल फोन पर बात करना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हरियाणा में सड़क हादसों के सबसे बड़े कारण बन चुके हैं। हरियाणा के मुकाबले महाराष्ट्र (12,057 मौतें), मध्य प्रदेश (8,645), तमिलनाडु (8,637), कर्नाटक (7,546) और गुजरात (7,240) जैसे बड़े राज्य शीर्ष पर रहे हैं।
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नाबालिगों से लेकर जवानों तक, सड़कें बनीं मौत की राह
रिपोर्ट में बताया गया है कि 14 साल से कम उम्र के 491 बच्चे और 14 से 18 साल के 738 किशोर हादसों की भेंट चढ़ गए। वहीं, 18 से 30 साल की उम्र के 4,688 युवाओं की जान चली गई। इनमें 4,003 पुरुष और 685 महिलाएं शामिल थीं। हरियाणा में युवा आबादी सबसे ज्यादा सक्रिय रूप से वाहन चलाती है लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी उनके लिए जानलेवा साबित हो रही है।
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कौन से वाहन सबसे ज्यादा हादसों का शिकार बने
1,685 - दोपहिया वाहन चालक
1,486 - साइकिल सवार और पैदल यात्री
1,355 - कार, टैक्सी, वैन या हल्के वाहन
810 - ट्रक, बस या भारी वाहन
179 - अन्य श्रेणियां
रफ्तार और लापरवाही बना जानलेवा कॉम्बिनेशन
64% हादसे - तेज रफ्तार से वाहन चलाने के कारण
10% - गलत दिशा में ड्राइविंग
7% - मोबाइल इस्तेमाल करते समय ड्राइविंग
7% - बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और रेड लाइट जंप
12% - अन्य कारण, जिनमें सामने वाले चालक की लापरवाही भी शामिल
स्रोत : एनसीआरबी
वर्जन -
प्रदेश में सड़क हादसों को कम करते हुए न के बराबर लेकर जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए सभी एसपी, कमिश्नर के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस जागरूकता सहित अन्य तरह की पहल कर रही है। ज्यादातर हादसे ट्रैफिक नियमों के पालन न करने के कारण होते है, इसलिए नियमों के पालन करने की जनता से लगातार अपील की जा रही है।
-ओपी सिंह, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा