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Haryana: उद्योगों को भुगतान में देरी पर मिलेगा 8 फीसदी का ब्याज, नई औद्योगिक नीति में मिलेंगी दो सुविधाएं

Mon, 04 May 2026 08:57 AM IST
Nivedita कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 04 May 2026 08:57 AM IST
सार

नई व्यवस्था के तहत उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रारंभिक जांच के बाद पात्र किसी भी प्रोत्साहन राशि का 50 फीसदी हिस्सा सात कार्य दिवसों के भीतर जारी किया जाएगा।

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Haryana Industries to Receive 8% Interest on Delayed Payments New Industrial Policy
सीएम नायब सैनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) व छोटे व्यापारियों को नई औद्योगिक नीति में बड़ी राहत मिलने जा रही है। किसी भी स्वीकृत सब्सिडी, प्रोत्साहन राशि, सरकारी अनुदान या अन्य देय भुगतान में देरी होने पर उद्योग विभाग उद्यमियों व व्यापारियों को कुल राशि का आठ फीसदी वार्षिक ब्याज देगा। 
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इसी तरह आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम भी लागू की जाएगी। इससे उनको किफायती बीमा सुरक्षा मिलेगी और वे बड़े वित्तीय जोखिम से बच सकेंगे।
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नई व्यवस्था के तहत उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रारंभिक जांच के बाद पात्र किसी भी प्रोत्साहन राशि का 50 फीसदी हिस्सा सात कार्य दिवसों के भीतर जारी किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत जांच पूरी होने पर बाकी 50 फीसदी राशि 45 कार्य दिवसों में दी जाएगी। इन तय कार्य दिवसों के आगे बढ़ने पर प्रत्येक दिन के अनुसार ब्याज का लाभ स्वत: मिलेगा।
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पहले उद्योगों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि तो मिल रही है लेकिन भुगतान में देरी पर ब्याज देने या तय समय सीमा में स्वचालित निपटान की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। नई नीति पहली बार समयबद्ध भुगतान, अग्रिम 50 फीसदी रिलीज और देरी होने पर आठ फीसदी ब्याज की जवाबदेह प्रणाली लागू करेगी।

एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम पहली से चल रही योजनाओं से अलग

प्रदेश में व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना चल रही है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से दुर्घटना, मृत्यु या सीमित कारोबारी नुकसान को कवर किया जाता है। नई स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम इससे अधिक व्यापक होगी जिसमें आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से व्यापारिक संपत्ति व स्टॉक के नुकसान को व्यवस्थित सुरक्षा मिलेगी।

एमएसएमई का बढ़ता दायरा

वर्ष 2004 से 2014 के दौरान करीब 33 हजार एमएसएमई इकाइयां दर्ज थीं। राज्य का कुल औद्योगिक रोजगार वर्ष 2018-19 में 10.16 लाख से बढ़कर 2023-24 में 11.91 लाख हो गया। देश के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र (इको सिस्टम) में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 फीसदी है।

अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित करने वाला फैसला : राज चावला

हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सचिव राज चावला के मुताबिक समयबद्ध भुगतान और बीमा सुरक्षा से निवेश का माहौल मजबूत होगा। इससे नए उद्योग आकर्षित होंगे और छोटे व्यापारियों का भरोसा बढ़ेगा। यह फैसला प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित करने वाला साबित होगा।
 
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