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Chandigarh-Haryana News: सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर हरियाणा सरकार ने बनाई एसओपी
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- हाईकोर्ट ने छह-छह महीने में रिपोर्ट दाखिल करने का दिया आदेश
चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के चार महीने बाद दोनों राज्यों ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। अदालत ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए संतोष जताया, साथ ही निर्देश दिए कि हर छह महीने में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए।
जस्टिस पंकज जैन की पीठ को बताया गया कि नई एसओपी का उद्देश्य कचरा उठाने और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण सुनिश्चित करना है। एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया था कि हरियाणा में कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस नीति या नियम मौजूद नहीं थे। तब जस्टिस जैन ने कहा था कि सफाई कर्मियों के कार्य की प्रकृति को देखते हुए यह जरूरी है कि राज्यों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था बनानी चाहिए।
हरियाणा ने पहले पेश की
इसके बाद हरियाणा सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर बताया कि सफाई कर्मियों के लिए पीपीई किट का नियमित वितरण, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपायों को लेकर एसओपी लागू कर दी गई है। इसके बाद कोर्ट ने पंजाब सरकार को भी निर्देश दिया था कि वह इसी तर्ज पर एसओपी तैयार करे। अब पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि 12 दिसंबर को एक व्यापक एसओपी को अंतिम रूप देकर सभी शहरी स्थानीय निकायों में तत्काल लागू कर दिया गया है।
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सरकार ने कहा कि इस एसओपी के तहत सफाई कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने भरोसा दिलाया कि एसओपी के प्रभावी क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी की जाएगी।
हाईकोर्ट ने जताया संतोष
जस्टिस पंकज जैन ने दोनों राज्यों की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि सफाई कर्मियों के हित में समय पर उचित कार्रवाई की गई है। हालांकि, अदालत ने मामला पूरी तरह बंद करने के बजाय यह निर्देश दिए कि दोनों राज्य समय-समय पर (हर छह महीने में) अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करेंगे, ताकि प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
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चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के चार महीने बाद दोनों राज्यों ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। अदालत ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए संतोष जताया, साथ ही निर्देश दिए कि हर छह महीने में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए।
जस्टिस पंकज जैन की पीठ को बताया गया कि नई एसओपी का उद्देश्य कचरा उठाने और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण सुनिश्चित करना है। एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया था कि हरियाणा में कचरा उठाने वाले सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस नीति या नियम मौजूद नहीं थे। तब जस्टिस जैन ने कहा था कि सफाई कर्मियों के कार्य की प्रकृति को देखते हुए यह जरूरी है कि राज्यों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था बनानी चाहिए।
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हरियाणा ने पहले पेश की
इसके बाद हरियाणा सरकार ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर बताया कि सफाई कर्मियों के लिए पीपीई किट का नियमित वितरण, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपायों को लेकर एसओपी लागू कर दी गई है। इसके बाद कोर्ट ने पंजाब सरकार को भी निर्देश दिया था कि वह इसी तर्ज पर एसओपी तैयार करे। अब पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि 12 दिसंबर को एक व्यापक एसओपी को अंतिम रूप देकर सभी शहरी स्थानीय निकायों में तत्काल लागू कर दिया गया है।
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सरकार ने कहा कि इस एसओपी के तहत सफाई कर्मचारियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने भरोसा दिलाया कि एसओपी के प्रभावी क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी की जाएगी।
हाईकोर्ट ने जताया संतोष
जस्टिस पंकज जैन ने दोनों राज्यों की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि सफाई कर्मियों के हित में समय पर उचित कार्रवाई की गई है। हालांकि, अदालत ने मामला पूरी तरह बंद करने के बजाय यह निर्देश दिए कि दोनों राज्य समय-समय पर (हर छह महीने में) अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करेंगे, ताकि प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।