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Haryana Cabinet: किफायती फ्लैट 12% तक महंगे, दिल्ली-करनाल नमो भारत को मंजूरी; छह घंटे चली बैठक
Tue, 24 Mar 2026 01:58 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:58 PM IST
सार
सरकार ने किफायती आवास योजनाओं की आवंटन दरों में 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे इन श्रेणी के फ्लैट महंगे हो जाएंगे।
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हरियाणा कैबिनेट की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। राज्य के इतिहास में पहली बार करीब छह घंटे चली इस बैठक में 31 एजेंडों में से 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें किफायती आवास की कीमतों में बढ़ोतरी, दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर और रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो परियोजना प्रमुख रहे।
सरकार ने किफायती आवास योजनाओं की आवंटन दरों में 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे इन श्रेणी के फ्लैट महंगे हो जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि निर्माण सामग्री, जमीन और मजदूरी की लागत बढ़ने के कारण डेवलपर्स के लिए परियोजनाएं चलाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए यह निर्णय लिया गया।
नई दरों के अनुसार, गुरुग्राम में अधिकतम कीमत 5,575 रुपये प्रति वर्ग फीट तय की गई है, जबकि फरीदाबाद और सोहना में 5,450 रुपये प्रति वर्ग फीट होगी। अन्य उच्च व मध्यम क्षमता वाले शहरों में यह दर 5,050 रुपये और कम क्षमता वाले शहरों में 4,250 रुपये प्रति वर्ग फीट निर्धारित की गई है।
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ये दरें उन परियोजनाओं पर लागू होंगी, जिनमें अभी तक फ्लैटों का आवंटन नहीं हुआ है। पहले से आवेदन कर चुके लोगों को नई दरों के अनुसार अतिरिक्त राशि देनी होगी, हालांकि ड्रॉ पहले के आवेदनों के आधार पर ही होगा। असहमति की स्थिति में आवेदन राशि वापस लेने का विकल्प भी दिया गया है। गुरुग्राम में बालकनी के लिए अतिरिक्त 1300 रुपये वर्ग फीट (अधिकतम 1 लाख 30 हजार) रुपये देने होंगे। बालकनी की दरें सभी शहरों में एक समान रहेंगी।
हरियाणा में इस कॉरिडोर के तहत 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे यात्रा समय कम होगा, सड़कों पर दबाव घटेगा और प्रदूषण में कमी आएगी। बैठक में इस कॉरिडोर का विस्तार कुरुक्षेत्र और साहा होते हुए पंचकूला तक करने का सुझाव भी दिया गया। परियोजना के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के तहत स्टेशनों के आसपास उच्च एफएआर की अनुमति दी जाएगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
गांवों में जल आपूर्ति की जिम्मेदारी पंचायतों को
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए नया मॉडल भी मंजूर किया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर ‘ग्राम जल एवं सीवरेज समिति’ का गठन होगा, जो पानी की सप्लाई, रखरखाव, लीकेज मरम्मत और राजस्व संग्रह जैसे कार्य संभालेगी। तकनीकी सहयोग पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग देगा, जबकि बिजली बिल और नए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य विभाग के पास ही रहेंगे।
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सरकार ने किफायती आवास योजनाओं की आवंटन दरों में 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे इन श्रेणी के फ्लैट महंगे हो जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि निर्माण सामग्री, जमीन और मजदूरी की लागत बढ़ने के कारण डेवलपर्स के लिए परियोजनाएं चलाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए यह निर्णय लिया गया।
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नई दरों के अनुसार, गुरुग्राम में अधिकतम कीमत 5,575 रुपये प्रति वर्ग फीट तय की गई है, जबकि फरीदाबाद और सोहना में 5,450 रुपये प्रति वर्ग फीट होगी। अन्य उच्च व मध्यम क्षमता वाले शहरों में यह दर 5,050 रुपये और कम क्षमता वाले शहरों में 4,250 रुपये प्रति वर्ग फीट निर्धारित की गई है।
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ये दरें उन परियोजनाओं पर लागू होंगी, जिनमें अभी तक फ्लैटों का आवंटन नहीं हुआ है। पहले से आवेदन कर चुके लोगों को नई दरों के अनुसार अतिरिक्त राशि देनी होगी, हालांकि ड्रॉ पहले के आवेदनों के आधार पर ही होगा। असहमति की स्थिति में आवेदन राशि वापस लेने का विकल्प भी दिया गया है। गुरुग्राम में बालकनी के लिए अतिरिक्त 1300 रुपये वर्ग फीट (अधिकतम 1 लाख 30 हजार) रुपये देने होंगे। बालकनी की दरें सभी शहरों में एक समान रहेंगी।
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को मंजूरी
कैबिनेट ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसकी कुल लंबाई 136.30 किलोमीटर होगी और परियोजना पर करीब 33,051.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिसमें हरियाणा का हिस्सा 7,472.11 करोड़ रुपये है।हरियाणा में इस कॉरिडोर के तहत 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे यात्रा समय कम होगा, सड़कों पर दबाव घटेगा और प्रदूषण में कमी आएगी। बैठक में इस कॉरिडोर का विस्तार कुरुक्षेत्र और साहा होते हुए पंचकूला तक करने का सुझाव भी दिया गया। परियोजना के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के तहत स्टेशनों के आसपास उच्च एफएआर की अनुमति दी जाएगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मेट्रो विस्तार से कुंडली तक कनेक्टिविटी मजबूत
रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर (फेज-4) की संशोधित डीपीआर को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत मेट्रो लाइन को नरेला से कुंडली तक हरियाणा क्षेत्र में 2.726 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा। कुंडली और नाथुपुर में दो एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर हरियाणा हिस्से में 545.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें केंद्र सरकार 97.30 करोड़ रुपये का योगदान देगी। इससे हरियाणा, दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन और सुगम होगा।पहली कक्षा में प्रवेश आयु 6 वर्ष तय
कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम, 2003 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब कक्षा-प्रथम में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे पूरे राज्य में प्रवेश आयु में एकरूपता आएगी और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।गांवों में जल आपूर्ति की जिम्मेदारी पंचायतों को
ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए नया मॉडल भी मंजूर किया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर ‘ग्राम जल एवं सीवरेज समिति’ का गठन होगा, जो पानी की सप्लाई, रखरखाव, लीकेज मरम्मत और राजस्व संग्रह जैसे कार्य संभालेगी। तकनीकी सहयोग पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग देगा, जबकि बिजली बिल और नए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य विभाग के पास ही रहेंगे।