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Haryana: ईंट भट्ठा, पराली और धूल प्रदूषण के मुख्य स्रोत, पांच साल में डेढ़ गुना बढ़ा पीएम 10; अब बनेगी योजना

Fri, 03 Oct 2025 08:54 AM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 03 Oct 2025 08:54 AM IST
सार

हरियाणा के घरों में ईंधन के रूप में लकड़ी सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला ऊर्जा स्रोत बना हुआ है, 40 फीसदी से ज़्यादा घर अभी भी लकड़ी, पत्ते, गोबर और चारकोल जैसे ठोस ईंधनों पर निर्भर हैं।

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Haryana Brick kilns, stubble burning and dust are main sources of pollution
वायु प्रदूषण - फोटो : Freepik.com

विस्तार

हरियाणा सरकार ने राज्य पर्यावरण योजना की एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक पिछले पांच साल में हरियाणा में पीएम 10 व पीएम 2.5 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानकों से करीब डेढ़ गुना अधिक दर्ज किया गया है। 
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रिपोर्ट में लैंसेट के एक अध्ययन का हवाला देते हुए दावा किया गया 2019 में वायु प्रदूषण के कारण 1224 अकाल मौतें हुईं, जो गंभीर संकट की ओर इशारा करता है। राज्य सरकार ने अब बढ़ते प्रदूषण को 2030 तक नियंत्रित करने के लिए विस्तृत प्लॉन तैयार किया है। 
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहली बार जिला स्तर पर वायु प्रदूषण के स्रोतों का विश्लेषण किया है। इसके मुताबिक शहरों में वायु प्रदूषण के लिए सबसे ज्यादा स्रोत ईंट भट्ठे, पराली जलाना, औद्योगिक गतिविधियां, स्टोन क्रशर और कच्ची सड़कें हैं, जो सर्दियों के वक्त वायु गुणवत्ता सूचकांक को उच्च स्तर पर ले जाती हैं।
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिलों में वायु प्रदूषण मुख्य रूप से औद्योगिक गतिविधियों, कृषि पद्धतियों और वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन के कारण होता है। ईंट भट्टे, स्टोन क्रशर और पराली भी प्रदूषण में वृद्धि करते हैं, जबकि कच्ची सड़कों से निकलने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन वायु गुणवत्ता को और खराब करता है। 

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर सेल के प्रमुख निर्मल कश्यप ने बताया, प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए जिला स्तरीय प्लान को राज्य पर्यावरण योजना के साथ जोड़ा गया है। प्रदूषण के बड़े स्रोतों की पहचान कर उसे नियंत्रित करने की योजना की तैयार की गई है। पिछले दिनों इससे संबंधित एक एक्शन प्लान भी जारी किया गया है। सिटी एक्शन प्लान के लिए 90.14 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।

हरियाणा के 40 फीसदी घर लकड़ी, पत्ते, गोबर व चारकोल ईंधन पर निर्भर

घरों से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण के स्तर को बढ़ाता है। हरियाणा में घर के अंदर की वायु गुणवत्ता के स्तर का कोई आधिकारिक राज्य-स्तरीय अनुमान उपलब्ध नहीं है, मगर विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक घर के अंदर का वायु प्रदूषण बाहर के वायु गुणवत्ता से कई गुना ज्यादा खराब माना जाता है। हरियाणा के घरों में ईंधन के रूप में लकड़ी सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला ऊर्जा स्रोत बना हुआ है, 40 फीसदी से ज़्यादा घर अभी भी लकड़ी, पत्ते, गोबर और चारकोल जैसे ठोस ईंधनों पर निर्भर हैं। यह ईंधन कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, पार्टिकुलेट मैटर और बेंजीन जैसे हानिकारक प्रदूषक उत्सर्जित करते हैं, जो बच्चों में निमोनिया से लेकर बड़ों में फेफड़ों के कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का कारण बनती है। 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में 52.2 फीसदी परिवार स्वच्छ रसोई ईंधन का उपयोग करते हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की पहुंच में वृद्धि तो हुई है लेकिन स्वच्छ खाना पकाने के तरीकों में निरंतर बदलाव की गारंटी नहीं दी है।

प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए ये उठाए जाएंगे कदम

  • 12 शहरों में एंटी स्मॉग गन, सड़कों की सफाई की मशीनें खरीदी जाएंगी
  • राज्य में 18 और वायु गुणवत्ता प्रणाली साल 2026 तक लगाए जाएंगे
  • राज्य में 63 हॉट स्पॉट हैं, जिनमें से 48 को ग्रीन स्पॉट में बदला जा चुका है, बाकी 31 दिसंबर 2025 तक पूरे किए जाएंगे
  • पराली जलाने की घटनाओं को 2030 तक शून्य पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • गुरुग्राम व फरीदाबाद में क्लीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की शुरुआत की जाएगी।
  • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स व पुराने निजी थ्री-व्हीलर वाहनों को स्वच्छ वाहनों से बदलने को बढ़ावा देना
  • सड़क के किनारों को पक्का करना, मशीनीकृत सड़क सफाई को सुनिश्चित कराना।
  • स्वच्छ ईंधन (पीएनजी,सीएनजी,अन्य गैसीय ईंधन) पर चलने वाले औद्योगिक बॉयलरों की स्थापना को प्रोत्साहित करना
  • राज्य में चिन्हित औद्योगिक समूहों में सामान्य बॉयलर स्थापित करना।
  • एनसीआर में दो सुरंग भट्टा आधारित ईंट निर्माण इकाइयों की स्थापना
  • कच्ची सड़कों की मरम्मत करना।

जिलों में वायु प्रदूषण का मुख्य स्रोत

जिला                  औसत एक्यूआई            प्रदूषण का सोर्स
अंबाला                       128             ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर, शुगर मिल, राइस मिल, पराली
भिवानी                        124             स्टोन क्रशर, पराली
चरखीदादरी                   161             ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर, थर्मल पॉवर प्लांट और माइनिंग
फरीदाबाद                     232             इंडस्ट्री, भट्ठे, क्रशर, प्लाईवुड इंडस्ट्री, थर्मल व स्टील प्लांट, सड़कों की धूल, निर्माण व वाहन प्रदूषण                        
गुरुग्राम                         225             उद्योग, कच्ची सड़कें, ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर, कूड़े जलाना, पराली, निर्माण गतिविधियां, वाहन प्रदूषण
हिसार                          145             ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर, प्लाईवुड इंडस्ट्री, थर्मल पावर व स्टील प्लांट, धातुओं की रिसाइकिल की गतिविधियां

जींद                            130             लघु उद्योग, ईंट भट्ठे, पराली, कूड़े जलाना, सड़कों की धूल
झज्जर                          110             ईंट भट्ठे, थर्मल पॉवर प्लांट, रंगाई, सीसा पुनर्चक्रण, कांच की बोतल का उद्योग, सिरेमिक टाइलें, प्लाईवुड, पराली
कैथल                        138             लघु उद्योग, ईंट भट्ठे, राइस मिल, शुगर मिल, पावर प्लांट व पराली
करनाल                        85             बड़े व लघु उद्योग, ईंट भट्ठे, पोल्ट्री फार्म, पराली
कुरुक्षेत्र                       122             पराली, सड़कों की धूल, खुले में कूड़े को जलाना, वाहनों का धुआं
महेंद्रगढ़                       132             बड़े व लघु उद्योग, कच्ची सड़के, ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर, खनिज तोड़ने की यूनिटें
नूंह                             81             उद्योग, ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर, लघु उद्योग, कच्ची सड़कें व औद्योगिक एस्टेट
पलवल                       76             इंडस्ट्री, कच्ची सड़कें, कूड़े व पराली जलाना, ईंट भट्ठे
पानीपत                      102             ईंट भट्ठे, शुगर मिल, राइस मिल, पराली, सड़कों की धूल, वाहनों का धुआं
पंचकूला                     112             लघु उद्योग व ईंट भट्ठे
रेवाड़ी                       176             बड़े व लघु उद्योग, कच्ची सड़कें, ईंट भट्ठे, स्टोन क्रशर
रोहतक                      107             शुगर मिल, तेल रिफाइनरी, लेड रिसाइकिल, ईंट भट्ठे, पराली
सिरसा                      119             ईंट भट्ठा, स्टोन क्रशर, प्लाईवुड इंडस्ट्री, थर्मल पावर प्लांट, स्टील प्लांट
सोनीपत                     143             बड़े व छोटे उद्योग, कच्ची सड़कें, पराली, ईंट भट्ठे, औद्योगिक एस्टेट
यमुनानगर                   128             प्लाईवुड इंडस्ट्री, स्टोन क्रशर, सड़कों की धूल, वाहनों का धुआं व खुले में कूड़ा जलाना
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