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Haryana: जमीन से अवैध ताैर पर पानी निकाल रहीं 40 कंपनियां होंगी बंद, ट्यूबवेल लगाकर कर रही थी भूजल का दोहन
Wed, 02 Jul 2025 01:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 02 Jul 2025 01:10 PM IST
सार
हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने 40 कंपनियों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा कंपनियां रियल एस्टेट, खनन और ट्रांसपोर्ट जुड़ी कंपनियां हैं। इनमें से अधिकतर कंपनियां गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत की हैं।
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ट्यूबवेल से भूजल का दोहन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा की 40 कंपनी जमीन से अवैध रूप से पानी निकालने की दोषी पाई गई हैं। इन कंपनियों के मालिक ट्यूबवेल लगाकर भूजल का दोहन करने में जुटी थी। किसी के पास भूजल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं थी। ये कंपनियां ट्यूबवेल लगाकर भूजल का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रही थी।
हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने अब इन सभी 40 कंपनियों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा कंपनियां रियल एस्टेट, खनन और ट्रांसपोर्ट जुड़ी कंपनियां हैं। इनमें से अधिकतर कंपनियां गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत की हैं। प्राधिकरण ने संबंधित उपायुक्तों को इन कंपनियों को बंद कर अनुपालन रिपोर्ट मांग ली है।
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हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने अब इन सभी 40 कंपनियों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा कंपनियां रियल एस्टेट, खनन और ट्रांसपोर्ट जुड़ी कंपनियां हैं। इनमें से अधिकतर कंपनियां गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत की हैं। प्राधिकरण ने संबंधित उपायुक्तों को इन कंपनियों को बंद कर अनुपालन रिपोर्ट मांग ली है।
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हरियाणा में 88 ब्लॉक रेड जोन में
हरियाणा में भूजल की स्थिति ठीक नहीं है। 88 ब्लॉक रेड जोन में है। इन जोन में अत्याधिक दोहन किया जा रहा है। कुछ शहरों की ऐसी स्थिति है कि सिर्फ 50 साल के लिए ही पानी बचा है। ऐसे में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कई बार राज्य सरकार व प्राधिकरण को इसमें रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।प्राधिकरण ने साल 2021 में भूजल का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य किया था। आवेदन के साथ एक फीस देनी होती है और टेलीमीट्ररी इंस्टाल किया जाता है, जिससे पता चलता है कि कितना पानी निकाला गया और उसके मुताबिक फीस देनी होगी। प्राधिकरण की ओर से कई बार इंडस्ट्री को पब्लिक नोटिस देकर चेताया भी गया कि एनओसी लें, मगर इंडस्ट्री के मालिकों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।