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Chandigarh-Haryana News: टीबी के आधे मरीजों में लक्षण पूरे, 67,837 रोगी चिह्नित
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीबी मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से लेकर 19 सितंबर तक राज्य में टीबी के 67,837 मरीज सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इनमें आधे से ज्यादा मरीजों में टीबी के लक्षण मौजूद थे लेकिन मरीजों ने टेस्ट नहीं करवाए। यदि इन मरीजों ने समय पर टीबी की जांच करवाई होती तो आसपास के लोग टीबी के संक्रमण से बच सकते थे।
स्वास्थ्य विभाग के डीजी हेल्थ सर्विसेज डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक टीबी के 64 फीसदी ऐसे मरीज होते हैं जिनमें बीमारी के लक्षण होते हैं मगर न तो वे टेस्ट करवाते हैं और न ही इलाज।
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टीबी का एक संक्रमित मरीज दस से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक बड़ा कारण यह है कि लोग टीबी की जांच करवाने से शर्माते हैं।
स्वास्थ्य विभाग जगह-जगह कैंप लगा रहा है ताकि मरीजों की समय पर पहचान की जा सके। हरियाणा में इस साल टीबी मरीजों की संख्या इसीलिए बढ़ी है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेस्टों की संख्या बढ़ा दी गई है।
इस साल सितंबर में अब तक प्रदेश में टीबी के 9.30 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं। इस साल के अंत तक 12 से 13 लाख टेस्ट करने का लक्ष्य विभाग ने रखा गया है। विभाग का कहा है कि नए लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए समय पर मरीजों की पहचान जरूरी है।
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चंडीगढ़। हरियाणा में टीबी मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से लेकर 19 सितंबर तक राज्य में टीबी के 67,837 मरीज सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इनमें आधे से ज्यादा मरीजों में टीबी के लक्षण मौजूद थे लेकिन मरीजों ने टेस्ट नहीं करवाए। यदि इन मरीजों ने समय पर टीबी की जांच करवाई होती तो आसपास के लोग टीबी के संक्रमण से बच सकते थे।
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स्वास्थ्य विभाग के डीजी हेल्थ सर्विसेज डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक टीबी के 64 फीसदी ऐसे मरीज होते हैं जिनमें बीमारी के लक्षण होते हैं मगर न तो वे टेस्ट करवाते हैं और न ही इलाज।
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टीबी का एक संक्रमित मरीज दस से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक बड़ा कारण यह है कि लोग टीबी की जांच करवाने से शर्माते हैं।
स्वास्थ्य विभाग जगह-जगह कैंप लगा रहा है ताकि मरीजों की समय पर पहचान की जा सके। हरियाणा में इस साल टीबी मरीजों की संख्या इसीलिए बढ़ी है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेस्टों की संख्या बढ़ा दी गई है।
इस साल सितंबर में अब तक प्रदेश में टीबी के 9.30 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं। इस साल के अंत तक 12 से 13 लाख टेस्ट करने का लक्ष्य विभाग ने रखा गया है। विभाग का कहा है कि नए लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए समय पर मरीजों की पहचान जरूरी है।