फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Groundwater level in the state is declining work will be done to improve it through schemes

Chandigarh-Haryana News: प्रदेश के भूजल स्तर में गिरावट, 1267.49 करोड़ की योजनाओं से सुधार के लिए होगा काम

विज्ञापन
- कृषि व बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, योजनाओं को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेजा जाएगा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में भूजल स्तर में होने वाली गिरावट को लेकर प्रमुख छह शहरों में योजना के तहत काम होगा। प्रदेश में कृषि और बागवानी क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं पर काम होगा। इसके लिए 1267.49 करोड़ रुपये की वार्षिक योजनाओं को मंजूरी मिली है। अब योजनाओं को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेजा जाएगा।
कृषि और किसान कल्याण विभाग की पहल है कि जल प्रबंधन को प्राथमिकता देकर प्रदेश में भूजल स्तर में गिरावट को रोका जाए। योजना पर काम होने से करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर जैसे प्रमुख जिलों में भूमिगत जल की निरंतर कमी से निपटने में मदद मिलेगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) की राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक में इस धनराशि को स्वीकृति दी गई है। पीएम-आरकेवीवाई योजना के तहत समिति ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए 4,512.82 लाख रुपये लागत की 10 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। बागवानी विभाग को दो परियोजनाओं के लिए 2,726.18 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं, हरियाणा में कृषि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025-26 के लिए यह धनराशि आवंटित की है। समिति ने वर्ष 2025-26 के लिए आरकेवीवाई कैफेटेरिया योजना के तहत विलय की गई वार्षिक कार्य योजना आधारित योजनाओं के तहत भी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
विज्ञापन


-------------

करनाल में केंद्रीय मशरूम इकाई की जाएगी स्थापित
प्रदेश के लिए अन्य प्रमुख परियोजनाओं में प्राकृतिक खेती के तहत सब्जी-केंद्रित एकीकृत खेती मॉडल की स्थापना होगी। फ्रूट फ्लाई ट्रैप के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधाओं की स्थापना की योजना है। सरसों के लिए अनुसंधान व प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करने की योजना प्रस्तावित है। क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र (आरआरएस) करनाल में एक केंद्रीय मशरूम इकाई स्थापित करने की योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


------------

इन्हें आवंटित होगी इतनी धनराशि
संस्थान : कुल योजनाएं : कुल धनराशि
1. महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल : 03 : 75.63 लाख
2. भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल : 04 : 1821.00 लाख
3. केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल : 05 : 1430.60 लाख
4. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के क्षेत्रीय केंद्र करनाल : 10 : 2,790.80 लाख
5. सीसीएसएचएयू हिसार : 08 : 1,015.33 लाख

------------

इन योजनाओं के लिए भी मंजूरी
योजना : राशि
1. एसएमएएम : 8990.00 लाख
2. सीआरएम : 25075.00 लाख
3. मृदा स्वास्थ्य कार्ड और उर्वरता : 1625 लाख
4. फसल विविधीकरण कार्यक्रम : 4792.00 लाख
5. परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) : 967.96 लाख
6. ड्रॉप मोर क्रॉप : 41598.04 लाख
7. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन : 47.97 करोड़
8. खाद्य तेलों-तिलहन पर राष्ट्रीय मिशन : 24.17 करोड़ रुपये
9. बीज (बीज और रोपण सामग्री पर उप मिशन) : 06 करोड़
10. कृषि विस्तार (आत्मा योजना) : 38.15 करोड़
11. बागवानी के एकीकृत विकास : 177.00 करोड़ रुपये

नोट : धनराशि रुपये में।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed