{"_id":"6a5e277e5749e32136003346","slug":"government-meetings-will-no-longer-involve-unnecessary-discussions-instead-concrete-decisions-will-be-taken-directly-chandigarh-haryana-news-c-16-pkl1010-1075455-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: सरकारी बैठकों में अब अनावश्यक चर्चा नहीं, सीधे ठोस फैसले होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: सरकारी बैठकों में अब अनावश्यक चर्चा नहीं, सीधे ठोस फैसले होंगे
विज्ञापन
राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों को बैठकों के लिए दिशा-निर्देश भेजे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सरकारी बैठकों को अधिक असरदार और समयबद्ध बनाने की पहल की है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से तैयार गाइड फॉर स्मार्टर ऑफिशियल मीटिंग्स सभी आईएएस अधिकारियों को भेजी गई है। सरकार का मानना है कि यदि बैठकें सही तरीके से होंगी तो फैसले भी तेजी से होंगे और प्रशासनिक कामकाज में सुधार आएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी आईएएस अधिकारियों को यह मार्गदर्शिका भेजते हुए इसके पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन में छोटे-छोटे बदलाव भी सुशासन और कामकाज की गति बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
सरकार ने माना है कि अधिकारियों का काफी समय बैठकों में बीतता है लेकिन कई बार बैठकें तय समय पर शुरू नहीं होतीं। उनका उद्देश्य स्पष्ट नहीं होता और वे बिना किसी ठोस फैसले के खत्म हो जाती हैं। नई गाइडलाइन का मकसद ऐसी कमियों को दूर करना और हर बैठक को परिणाम देने वाला बनाना है। नई व्यवस्था के अनुसार बैठक बुलाने से पहले यह तय किया जाएगा कि क्या वास्तव में बैठक की जरूरत है या काम ई-मेल, फोन या लिखित संदेश से भी हो सकता है। यदि बैठक जरूरी हो तो उसका उद्देश्य पहले से तय होगा। बैठक का एजेंडा और जरूरी दस्तावेज पहले ही संबंधित अधिकारियों को भेजे जाएंगे। साथ ही केवल उन्हीं अधिकारियों को बुलाया जाएगा जिनकी मौजूदगी जरूरी होगी।
विज्ञापन
मार्गदर्शिका में यह भी कहा गया है कि बैठकें तय समय पर शुरू और समाप्त हों। चर्चा के दौरान सभी प्रतिभागियों को अपनी बात रखने का अवसर मिले और अनावश्यक विषयों पर समय बर्बाद न हो। बैठक को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए संचालक, कार्यवाही लिखने वाले अधिकारी और समय पर नजर रखने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने की भी सलाह दी गई है। बैठकों में ऑनलाइन जुड़े अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
दो-तीन दिन में जारी करनी होगी बैठक की कार्यवाही
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) दो से तीन दिन के भीतर जारी की जाए। इसमें लिए गए सभी फैसलों, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और काम पूरा करने की तय समय सीमा का स्पष्ट उल्लेख होगा। इसके साथ ही बैठक की सूचना, कार्यवाही, चयन समिति और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं के लिए मानक प्रारूप भी तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सरकारी बैठकों को अधिक असरदार और समयबद्ध बनाने की पहल की है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से तैयार गाइड फॉर स्मार्टर ऑफिशियल मीटिंग्स सभी आईएएस अधिकारियों को भेजी गई है। सरकार का मानना है कि यदि बैठकें सही तरीके से होंगी तो फैसले भी तेजी से होंगे और प्रशासनिक कामकाज में सुधार आएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी आईएएस अधिकारियों को यह मार्गदर्शिका भेजते हुए इसके पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन में छोटे-छोटे बदलाव भी सुशासन और कामकाज की गति बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
विज्ञापन
सरकार ने माना है कि अधिकारियों का काफी समय बैठकों में बीतता है लेकिन कई बार बैठकें तय समय पर शुरू नहीं होतीं। उनका उद्देश्य स्पष्ट नहीं होता और वे बिना किसी ठोस फैसले के खत्म हो जाती हैं। नई गाइडलाइन का मकसद ऐसी कमियों को दूर करना और हर बैठक को परिणाम देने वाला बनाना है। नई व्यवस्था के अनुसार बैठक बुलाने से पहले यह तय किया जाएगा कि क्या वास्तव में बैठक की जरूरत है या काम ई-मेल, फोन या लिखित संदेश से भी हो सकता है। यदि बैठक जरूरी हो तो उसका उद्देश्य पहले से तय होगा। बैठक का एजेंडा और जरूरी दस्तावेज पहले ही संबंधित अधिकारियों को भेजे जाएंगे। साथ ही केवल उन्हीं अधिकारियों को बुलाया जाएगा जिनकी मौजूदगी जरूरी होगी।
विज्ञापन
मार्गदर्शिका में यह भी कहा गया है कि बैठकें तय समय पर शुरू और समाप्त हों। चर्चा के दौरान सभी प्रतिभागियों को अपनी बात रखने का अवसर मिले और अनावश्यक विषयों पर समय बर्बाद न हो। बैठक को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए संचालक, कार्यवाही लिखने वाले अधिकारी और समय पर नजर रखने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय करने की भी सलाह दी गई है। बैठकों में ऑनलाइन जुड़े अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
दो-तीन दिन में जारी करनी होगी बैठक की कार्यवाही
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) दो से तीन दिन के भीतर जारी की जाए। इसमें लिए गए सभी फैसलों, संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और काम पूरा करने की तय समय सीमा का स्पष्ट उल्लेख होगा। इसके साथ ही बैठक की सूचना, कार्यवाही, चयन समिति और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं के लिए मानक प्रारूप भी तैयार किए गए हैं।