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Chandigarh-Haryana News: मातृ मृत्युदर में चार अंकों का सुधार, अब 70 से नीचे लाने की तैयारी
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हरियाणा में सकारात्मक प्रयासों का परिणाम, मातृ मृत्यु दर 110 से घटकर 106 पर आई
चंडीगढ़। प्रदेश में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। भारत में मातृ मृत्यु दर पर नवीनतम नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) के बुलेटिन जारी करते हुए हरियाणा में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 110 से घटकर 106 रहने का ब्योरा दिया गया है। चार अंकों में सुधार के साथ ही हरियाणा सरकार ने एमएमआर को 70 से नीचे लाने का लक्ष्य तय किया है।
हरियाणा की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री आरती राव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में मातृ स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने की जानकारी दी। साथ ही विशेष बुलेटिन का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि साल 2019-2021 के अनुसार और 2018-2020 से चार अंकों का सुधार होना अच्छे परिणामों की तरफ संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में संस्थागत प्रसव 2024-25 में (स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार) बढ़कर 98.3 प्रतिशत हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), हरियाणा के मिशन निदेशक डाॅ. रिपुदमन सिंह ढिल्लो के अनुसार, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) और जननी सुरक्षा योजना जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाएं राज्य में प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने वाली गर्भवती महिलाओं को मुफ्त दवा, पोषण, बेहतर आहार आदि की सुविधाएं भी बेहतर परिणामों के लिए प्रभावी रहे।
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चंडीगढ़। प्रदेश में बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। भारत में मातृ मृत्यु दर पर नवीनतम नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) के बुलेटिन जारी करते हुए हरियाणा में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 110 से घटकर 106 रहने का ब्योरा दिया गया है। चार अंकों में सुधार के साथ ही हरियाणा सरकार ने एमएमआर को 70 से नीचे लाने का लक्ष्य तय किया है।
हरियाणा की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री आरती राव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में मातृ स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने की जानकारी दी। साथ ही विशेष बुलेटिन का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि साल 2019-2021 के अनुसार और 2018-2020 से चार अंकों का सुधार होना अच्छे परिणामों की तरफ संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में संस्थागत प्रसव 2024-25 में (स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार) बढ़कर 98.3 प्रतिशत हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), हरियाणा के मिशन निदेशक डाॅ. रिपुदमन सिंह ढिल्लो के अनुसार, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) और जननी सुरक्षा योजना जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाएं राज्य में प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके अलावा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने वाली गर्भवती महिलाओं को मुफ्त दवा, पोषण, बेहतर आहार आदि की सुविधाएं भी बेहतर परिणामों के लिए प्रभावी रहे।
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