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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Fish farmers will receive electricity at 10 paise per unit.

Chandigarh-Haryana News: मत्स्य पालकों को बिजली 10 पैसे प्रति यूनिट मिलेगी

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- मत्स्य पालन मंत्री ने बैठक में दी जानकारी, गैर कृषि फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ
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- कृषि उद्योग श्रेणी में 40 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को 4.75 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मत्स्य व झींगा पालकों को बिजली दरों में बड़ी राहत दी है। इन्हें कृषि फीडरों से बिजली अब मात्र 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर मिलेगी। गैर कृषि फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा। 40 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को कृषि उद्योग श्रेणी में 4.75 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। इस श्रेणी में लोड सीमा को 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दिया गया है। बिजली की दर 6.60 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट की गई है।
राज्य में 56.96 हजार एकड़ क्षेत्रफल में मछली पालन होता है जबकि मछली उत्पादन 2.32 लाख मीटि्रक टन (एलएमटी) होता है। झींगा मछली के पालन की बात करें तो 6500 एकड़ क्षेत्रफल में करीब 15000 टन प्रति वर्ष उत्पादन होता है। मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मत्स्य व झींगा पालकों को बिजली 10 पैसे प्रति यूनिट देने की घोषणा पूरी कर दी गई है।
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मत्स्य पालकों की मांग पर यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में नई मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को स्वीकृति दी है जिस पर करीब 6 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन प्रयोगशालाओं के मार्च 2027 तक शुरू होने की संभावना है। ज्योतिसर और सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है। इस पर करीब 20.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद में दो आधुनिक मछली मंडियां बनेंगी। इनकी कुल लागत 100 करोड़ रुपये होगी जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर काम शुरू किया जाएगा। इसी योजना के तहत करनाल में 50 करोड़ रुपये से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। यह कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।
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