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Chandigarh-Haryana News: मुआवजे के लिए किसानों को करना होगा इंतजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। हरियाणा में बरसात से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजा के लिए किसानों को अभी 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवाली से पहले मुआवजे का आश्वासन दिया था लेकिन अभी भी प्रदेश में 11932.03 एकड़ गिरदावरी का कार्य पटवारियों के स्तर पर लंबित पड़ा है।
राजस्व विभाग के क्षतिपूर्ति पोर्टल के ब्योरे के अनुसार सिरसा में सर्वाधिक 8981.93 एकड़ में गिरदावरी का काम शेष है। पंचकूला में 23.59 एकड़, पानीपत में 55.73 एकड़, रेवाड़ी में 1681.90 एकड़, यमुनानगर में 33.14 एकड़ फसलों का गिरदावरी का कार्य अभी होना है। गिरदावरी के कार्य में देरी को लेकर राजस्व विभाग के तीन तर्क हैं।
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विभाग का कहना है कि जिन जिलों में खेतों में पानी की निकासी में बहुत देरी हुई है वहां गिरदावरी का कार्य देरी से हुआ। सिरसा में क्षेत्रफल और नुकसान भी अधिक है। दूसरा कारण क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किसी ने गलत फसल का ब्योरा भरा है या फिर असल किसान के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति ने पंजीकरण करा लिया था उन मामलों के सत्यापन का कार्य अभी कराया जा रहा है।
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तीसरा कारण पटवारियों व दूसरे राजस्व अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन ब्योरा भरने में कई बार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। अभी भी कानूनगो स्तर पर 100161.37 एकड़, तहसीलदारों के स्तर पर 174210.18 एकड़, एसडीएम स्तर पर 193829.48 एकड़, जिला राजस्व अधिकारियों के स्तर पर 103946.04 एकड़ फसलों के सत्यापन का कार्य होना है।

उपायुक्त स्तर पर 69878.69 एकड़ और मंडलायुक्त स्तर पर अभी भी 30907.72 एकड़ फसलों के सत्यापन का कार्य शेष है। सत्यापन के कार्य में भी अभी कम से 10 दिन लगेंगे। ऐसे में मुआवजे के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
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