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Chandigarh-Haryana News: पराली प्रबंधन के लिए किसान पा सकेंगे यंत्र, कृषि विभाग ने आवेदन के लिए खोला पोर्टल
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किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा के तहत कर सकेंगे आवेदन, इस बार योजना में चार के बजाय 12 यंत्र शामिल
चंडीगढ़। हरियाणा में किसान पराली प्रबंधन से जुड़े यंत्र पा सकेंगे। प्रदेश के किसानों को पराली प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्र पाने के लिए आवेदन करना होगा। कृषि व किसान कल्याण विभाग के पंचकूला मुख्यालय ने आवेदन के लिए पोर्टल खोल दिया है। इस बार योजना के लिए चार के बजाय 12 कृषि यंत्रों को शामिल किया है। पराली प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्र पाने के लिए किसान 20 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे।
प्रदेश में खरीफ-2025 के लिए धान के लिए करीब 40 लाख एकड़ का लक्ष्य है। धान के क्षेत्रफल को देखते हुए पराली प्रबंधन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पराली प्रबंधन के लिए किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। कृषि व कल्याण विभाग हरियाणा के निदेशक राजनारायण काैशिक ने सभी जिलों के उपायुक्तों, सभी कृषि उप निदेशकों, सभी सहायक कृषि इंजीनियरों को योजना से संबंधित निर्देशों को लेकर पत्र भेजा है।
वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान अनुदान पाने के लिए किसानों को विभागीय पोर्टल agriharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करने होंगे। किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से भी ऑनलाइन कर सकेंगे। इस वित्तीय वर्ष के लिए तय नियमों में यह भी निर्देश हैं कि प्रत्येक पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) आईडी में केवल एक ही आवेदन कर सकेंगे।
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उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली समिति होगी निर्णायक
योजना का लाभ व्यक्तिगत श्रेणी में दिया जाता है। पैन कार्ड, हरियाणा राज्य में पंजीकृत ट्रैक्टर की आरसी (केवल ट्रैक्टर चालित मशीन के लिए) और एक स्वयं सत्यापित पत्र भी देना होगा। इसमें पिछले तीन वर्षों में योजना के तहत मशीन का लाभ न लिया हो।
फसल अवशेष न जलाने की प्रतिज्ञा भी लेनी होगी। आवेदन के बाद जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में गठित समिति की तरफ से ड्राॅ निकाले जाएंगे। जो पात्र होंगे उन्हें समिति में शामिल उप कृषि निदेशकों की तरफ से अनुदान पात्रता प्रमाणपत्र के लिए अधिकृत किया जाएगा। इसके बाद जो भी अनुदान होगा, वह किसानों के खातों में मुख्यालय स्तर से ई-स्पर्श से भेजी जाएगी।
नियमों में यह भी तय है कि 1 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी वाली मशीनों के मामले में 70 प्रतिशत सब्सिडी भौतिक सत्यापन के बाद वितरित की जाएगी और शेष 30 प्रतिशत अनुदान गठित नई समिति (पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहले भौतिक सत्यापन करने वाली समिति के अलावा) मशीनों के सफल दोबारा सत्यापन के बाद वितरित की जाएगी।
यह हैं 12 यंत्र शामिल
योजना के तहत इस बार 12 यंत्र शामिल हैं। इनमें हैप्पी शीडर/स्मार्ट शीडर, हार्वेस्टर, पेडी स्ट्राॅ/चाॅपर/स्ट्रेडर/मल्चर शामिल हैं। इनके अलावा सब मास्टर/रोटरी स्लेशर, हाईड्रोलिक, जीरो जीरो टिल शीड कम फर्टिलाइजर/स्पेटियल जीरो टिल डि्रल यंत्र शामिल किए हैं। इनके अलावा सुपर सीडर, सर्फेस सीडर, बेलिंग मशीन, काॅपर रीपर आदि मशीन शामिल हैं।
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चंडीगढ़। हरियाणा में किसान पराली प्रबंधन से जुड़े यंत्र पा सकेंगे। प्रदेश के किसानों को पराली प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्र पाने के लिए आवेदन करना होगा। कृषि व किसान कल्याण विभाग के पंचकूला मुख्यालय ने आवेदन के लिए पोर्टल खोल दिया है। इस बार योजना के लिए चार के बजाय 12 कृषि यंत्रों को शामिल किया है। पराली प्रबंधन से जुड़े कृषि यंत्र पाने के लिए किसान 20 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे।
प्रदेश में खरीफ-2025 के लिए धान के लिए करीब 40 लाख एकड़ का लक्ष्य है। धान के क्षेत्रफल को देखते हुए पराली प्रबंधन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पराली प्रबंधन के लिए किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। कृषि व कल्याण विभाग हरियाणा के निदेशक राजनारायण काैशिक ने सभी जिलों के उपायुक्तों, सभी कृषि उप निदेशकों, सभी सहायक कृषि इंजीनियरों को योजना से संबंधित निर्देशों को लेकर पत्र भेजा है।
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वित्तीय वर्ष 2025-2026 के दौरान अनुदान पाने के लिए किसानों को विभागीय पोर्टल agriharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करने होंगे। किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से भी ऑनलाइन कर सकेंगे। इस वित्तीय वर्ष के लिए तय नियमों में यह भी निर्देश हैं कि प्रत्येक पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) आईडी में केवल एक ही आवेदन कर सकेंगे।
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उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली समिति होगी निर्णायक
योजना का लाभ व्यक्तिगत श्रेणी में दिया जाता है। पैन कार्ड, हरियाणा राज्य में पंजीकृत ट्रैक्टर की आरसी (केवल ट्रैक्टर चालित मशीन के लिए) और एक स्वयं सत्यापित पत्र भी देना होगा। इसमें पिछले तीन वर्षों में योजना के तहत मशीन का लाभ न लिया हो।
फसल अवशेष न जलाने की प्रतिज्ञा भी लेनी होगी। आवेदन के बाद जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में गठित समिति की तरफ से ड्राॅ निकाले जाएंगे। जो पात्र होंगे उन्हें समिति में शामिल उप कृषि निदेशकों की तरफ से अनुदान पात्रता प्रमाणपत्र के लिए अधिकृत किया जाएगा। इसके बाद जो भी अनुदान होगा, वह किसानों के खातों में मुख्यालय स्तर से ई-स्पर्श से भेजी जाएगी।
नियमों में यह भी तय है कि 1 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी वाली मशीनों के मामले में 70 प्रतिशत सब्सिडी भौतिक सत्यापन के बाद वितरित की जाएगी और शेष 30 प्रतिशत अनुदान गठित नई समिति (पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पहले भौतिक सत्यापन करने वाली समिति के अलावा) मशीनों के सफल दोबारा सत्यापन के बाद वितरित की जाएगी।
यह हैं 12 यंत्र शामिल
योजना के तहत इस बार 12 यंत्र शामिल हैं। इनमें हैप्पी शीडर/स्मार्ट शीडर, हार्वेस्टर, पेडी स्ट्राॅ/चाॅपर/स्ट्रेडर/मल्चर शामिल हैं। इनके अलावा सब मास्टर/रोटरी स्लेशर, हाईड्रोलिक, जीरो जीरो टिल शीड कम फर्टिलाइजर/स्पेटियल जीरो टिल डि्रल यंत्र शामिल किए हैं। इनके अलावा सुपर सीडर, सर्फेस सीडर, बेलिंग मशीन, काॅपर रीपर आदि मशीन शामिल हैं।