फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Doctors have been instructed to write names of medicines and tests in large and clear letters in Haryana

Haryana: पर्ची पर साफ-सुधरा लिखेंगे डॉक्टर... बड़ों अक्षरों में दवा और टेस्ट के नाम, विभाग ने क्यों दिया आदेश?

Fri, 19 Sep 2025 08:24 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Fri, 19 Sep 2025 08:24 PM IST
सार

मरीज की पर्ची पर डॉक्टरों की ऐसी लिखाई जो किसी को समझ न आए अब ऐसा नहीं होगा। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र लिखकर कहा है कि पर्ची पर दवा और टेस्ट के नाम बड़े और साफ अक्षरों में लिखने होंगे। 

विज्ञापन
Doctors have been instructed to write names of medicines and tests in large and clear letters in Haryana
डॉक्टर्स - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

हरियाणा में डॉक्टरों को मरीजों को दी जाने वाले दवाइयां व जांचे पर्ची में साफ और बोल्ड अक्षरों पर लिखना होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों को पत्र लिखकर इस आदेश को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक कंप्यूटर से पर्ची लिखने का सिस्टम पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता, तब तक सभी डॉक्टरों को कैपिटल अक्षरों में ही पर्चे लिखें। स्वास्थ्य विभाग का यह आदेश सरकारी और निजी अस्पतालों में भी लागू होगा।

विज्ञापन


दरअसल अगस्त के महीने में एक केस की सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए थे कि डॉक्टरों की ओर से लिखे पर्चे साफ और स्पष्ट होने चाहिए, ताकि मरीज व फार्मासिस्ट दवाइयों के नाम व जांचों को आसानी से पढ़ सकें। कोर्ट ने कहा था कि सभी मेडिकल पर्चे और जांच रिपोर्ट, चाहे सरकारी अस्पताल में हों या प्राइवेट, साफ अक्षरों में लिखे जाने चाहिए। कोशिश होनी चाहिए ये कैपिटल अक्षरों में हों या फिर टाइप किए हुए या डिजिटल रूप में दिए जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि मरीजों को अपनी बीमारी और इलाज के बारे में जानने का हक है। यह उनके जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) का एक अहम हिस्सा है। कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी ) से भी कहा है कि वह मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को साफ लिखावट के बारे में सिखाया जाए।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि जब तक कंप्यूटर से पर्ची लिखने का सिस्टम पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता, तब तक सभी डॉक्टर कैपिटल अक्षरों में ही पर्चे लिखें। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश, स्टेट मेडिकल कमीशन के साथ मिलकर डॉक्टरों को जागरूक करें। इसके लिए वे जिले स्तर पर सिविल सर्जन की निगरानी में मीटिंग करें। सुनवाई के दौरान जस्टिस ने देखा कि एक डॉक्टर ने मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) में जो लिखा था, वह बिल्कुल समझ में नहीं आ रहा था। निजी अस्पतालों में इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए आईएमए को जिम्मेदारी दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed