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Chandigarh-Haryana News: हर 15 दिन में उद्योग संगठनों के साथ डीएमसीएस करेंगे जिलास्तरीय बैठक
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उद्योग मंत्री ने वीसी के जरिए जिलों के एमएसएमई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की
चंडीगढ़। सभी जिला प्रबंधक समन्वयक (डीएमसीएस) हर 15 दिन में अपने जिलों के उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें। बैठकें केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाएं और उनके आयोजन की सूचना स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से पहले से दी जाएगी। उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित एनआईसी केंद्र, चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से सभी जिलों के एमएसएमई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते ये निर्देश दिए है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए। इसी दिशा में लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए राज्यों में उद्योग विभाग के तहत एमएसएमई निदेशालय की स्थापना की गई है। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि कलस्टर मॉडल के माध्यम से लघु उद्योगों को सशक्त करने की प्राथमिकता है। केंद्र सरकार ने अनेक योजनाएं शुरू की हैं। इनमें राज्यों की हिस्सेदारी व सब्सिडी प्रावधान भी शामिल हैं। यह अधिकारियों की जिम्मेवारी है कि इन योजनाओं की जानकारी उद्यमियों और आमजन तक समय रहते पहुंचाई जाएं।
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मंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। उद्यमी आपसे कुछ मांगने नहीं, बल्कि राज्य को देने आया है। निर्देश दिए कि उद्यमियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी आवश्यक दस्तावेज एक बार में ही तैयार कर मुख्यालय को भेजे जाएं।
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चंडीगढ़। सभी जिला प्रबंधक समन्वयक (डीएमसीएस) हर 15 दिन में अपने जिलों के उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें। बैठकें केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित की जाएं और उनके आयोजन की सूचना स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से पहले से दी जाएगी। उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित एनआईसी केंद्र, चंडीगढ़ से वीसी के माध्यम से सभी जिलों के एमएसएमई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते ये निर्देश दिए है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की एक विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए। इसी दिशा में लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए राज्यों में उद्योग विभाग के तहत एमएसएमई निदेशालय की स्थापना की गई है। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।
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मंत्री ने कहा कि कलस्टर मॉडल के माध्यम से लघु उद्योगों को सशक्त करने की प्राथमिकता है। केंद्र सरकार ने अनेक योजनाएं शुरू की हैं। इनमें राज्यों की हिस्सेदारी व सब्सिडी प्रावधान भी शामिल हैं। यह अधिकारियों की जिम्मेवारी है कि इन योजनाओं की जानकारी उद्यमियों और आमजन तक समय रहते पहुंचाई जाएं।
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मंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। उद्यमी आपसे कुछ मांगने नहीं, बल्कि राज्य को देने आया है। निर्देश दिए कि उद्यमियों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी आवश्यक दस्तावेज एक बार में ही तैयार कर मुख्यालय को भेजे जाएं।