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Chandigarh-Haryana News: 5 हजार करोड़ के धान घोटाले की सीबीआई जांच की मांग
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पूर्व आईसीएआर वैज्ञानिक ने पीएम, मुख्य न्यायाधीश और केंद्रीय मंत्रियों को भेजा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह लाठर ने हरियाणा में वर्ष 2025 के 5 हजार करोड़ रुपये के धान खरीद घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर फर्जी धान खरीद दिखाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और केंद्र सरकार के धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
डॉ. लाठर ने पत्र में दावा किया कि हरियाणा सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के अनुसार राइस मिलरों ने 6.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक कस्टम मिल्ड राइस वापस नहीं किया। इसकी कीमत करीब 1,580 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान की फर्जी खरीद और हजारों करोड़ रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। शिकायत में फर्जी गेट पास, जे-फॉर्म और कच्ची पर्ची प्रणाली के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच, दोषियों से सरकारी धन की वसूली व पंजाब के धान खरीद मामले के साथ हरियाणा के मामले की भी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह लाठर ने हरियाणा में वर्ष 2025 के 5 हजार करोड़ रुपये के धान खरीद घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर फर्जी धान खरीद दिखाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और केंद्र सरकार के धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
डॉ. लाठर ने पत्र में दावा किया कि हरियाणा सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के अनुसार राइस मिलरों ने 6.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक कस्टम मिल्ड राइस वापस नहीं किया। इसकी कीमत करीब 1,580 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान की फर्जी खरीद और हजारों करोड़ रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। शिकायत में फर्जी गेट पास, जे-फॉर्म और कच्ची पर्ची प्रणाली के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच, दोषियों से सरकारी धन की वसूली व पंजाब के धान खरीद मामले के साथ हरियाणा के मामले की भी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
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