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Chandigarh-Haryana News: बैंकों को पैनल में शामिल करने की नीति में बदलाव
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने राज्य में सरकारी लेनदेन का काम करने वाले बैंकों की इंपैनलमेंट (पैनल में शामिल करने) संबंधी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संशोधित नीति के अनुसार अब वित्त विभाग ने उन बैंकों (छोटे वित्तीय बैंकों को छोड़कर) के लिए 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा समाप्त कर दी है जिन्हें पहली बार राज्य सरकार के साथ इंपैनल किया गया है। अब ऐसे बैंक राज्य सरकार के साथ पहले से इंपैनल अन्य बैंकों के समान माने जाएंगे।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए किसी एक विभाग और किसी एक बैंक के साथ अनुमति जमा सीमा को 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अन्य सभी शर्तें यथावत रहेंगी। वर्तमान में कुल 28 बैंक राज्य सरकार के साथ सरकारी लेनदेन के लिए इंपैनल किए गए हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और छोटे वित्तीय बैंक शामिल हैं।
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चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने राज्य में सरकारी लेनदेन का काम करने वाले बैंकों की इंपैनलमेंट (पैनल में शामिल करने) संबंधी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संशोधित नीति के अनुसार अब वित्त विभाग ने उन बैंकों (छोटे वित्तीय बैंकों को छोड़कर) के लिए 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा समाप्त कर दी है जिन्हें पहली बार राज्य सरकार के साथ इंपैनल किया गया है। अब ऐसे बैंक राज्य सरकार के साथ पहले से इंपैनल अन्य बैंकों के समान माने जाएंगे।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए किसी एक विभाग और किसी एक बैंक के साथ अनुमति जमा सीमा को 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अन्य सभी शर्तें यथावत रहेंगी। वर्तमान में कुल 28 बैंक राज्य सरकार के साथ सरकारी लेनदेन के लिए इंपैनल किए गए हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और छोटे वित्तीय बैंक शामिल हैं।
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