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सीईटी : नकल करने या परीक्षा में विघ्न डालने पर दो से पांंच साल की होगी कैद
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सीईटी की परीक्षा के दाैरान 18 गलतियां पड़ेंगी भारी, होगी पांच वर्ष तक की सजा
- हरियाणा में 26 और 27 जुलाई को आयोजित होगी सीईटी, नकल करने वालों पर भी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में इस शनिवार व रविवार को चार सत्रों में होने वाली संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) 2025 को लेकर प्रदेश सरकार व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने नकल कराने वाले गिरोह पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही साफ किया है कि इस बार परीक्षा में नकल करते हुए पाए जाने पर या परीक्षा में विघ्न डालने पर दो से पांच साल की कैद हो सकती है। आयोग के अनुसार, परीक्षा के दौरान कोई भी सामग्री जैसे प्रश्न-पत्र, ओएमआर (ऑप्टीकल मार्क रिकोगनेशन) शीट, रफ शीट, आयोग के पास जमा होने वाली प्रवेश-पत्र की प्रति आदि केंद्र से ले जाने या अनधिकृत व्यक्तियों को देने पर दो वर्ष की सजा का प्रावधान है। परीक्षा के दौरान बिना बताए या बिना अनुमति के परीक्षा स्थल छोड़ने पर भी दो वर्ष की सजा हो सकती है।
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परीक्षार्थियों को उकसाया तो तीन साल की कैद होगी
परीक्षा केंद्र के अधिकारियों जैसे केंद्र अधीक्षक, निरीक्षक, सुरक्षा गार्ड या आयोग के प्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार करने या उनके डराने व धमकी देने पर तीन वर्ष की सजा हो सकती है। परीक्षा के संचालन में बाधा डालने अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा नहीं देने के लिए उकसाने पर भी तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, गलत या झूठे बयान देना, कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना, जाली दस्तावेज प्रस्तुत करना, एक ही परीक्षा में एक से अधिक बार उपस्थित होना और परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे/उपकरणों को नुकसान पहुंचाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इन सभी में दाेषी पाए जाने पर तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है।
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नकल करने पर सर्वर हैक करने पर भी पांच साल की सजा
-परीक्षा में जाली प्रवेश-पत्र व जाली पहचान-पत्र के साथ आए तो 5 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, नकल करने या किसी भी सामग्री या किसी भी अभ्यर्थी से धोखाधड़ी करने पर भी पांच वर्ष की सजा का प्रावधान है।
-केंद्र अधीक्षक, निरीक्षक, सुरक्षा गार्ड या आयोग के प्रतिनिधियों पर हमला करने, बल प्रयोग करने व शारीरिक क्षति पहुंचाने और उनको हथियारों से डराना या परीक्षा के दाैरान हथियार रखने पर भी पांच साल की कैद होगी।
-परीक्षा हाल में बंद या चालू मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, जासूसी कैमरे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखने, प्रश्नपत्रों या परीक्षा सामग्री के स्नैपशॉट लेने, वीडियो बनाने, रिमोट डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर या एप के माध्यम से परीक्षा टर्मिनल साझा करने के अलावा परीक्षा से पहले, दौरान या बाद में किसी भी समय परीक्षा सर्वर से छेड़छाड़ या उसे हैक करने पर भी पांच साल की सजा होगी।
-लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण, जांच या किसी अन्य चरण में किसी भी व्यक्ति के माध्यम से गड़बड़ी करने, बायोमेट्रिक, चेहरे का डेटा नहीं देने वाले को भी दोषी माना जाएगा।
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- हरियाणा में 26 और 27 जुलाई को आयोजित होगी सीईटी, नकल करने वालों पर भी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में इस शनिवार व रविवार को चार सत्रों में होने वाली संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) 2025 को लेकर प्रदेश सरकार व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने नकल कराने वाले गिरोह पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही साफ किया है कि इस बार परीक्षा में नकल करते हुए पाए जाने पर या परीक्षा में विघ्न डालने पर दो से पांच साल की कैद हो सकती है। आयोग के अनुसार, परीक्षा के दौरान कोई भी सामग्री जैसे प्रश्न-पत्र, ओएमआर (ऑप्टीकल मार्क रिकोगनेशन) शीट, रफ शीट, आयोग के पास जमा होने वाली प्रवेश-पत्र की प्रति आदि केंद्र से ले जाने या अनधिकृत व्यक्तियों को देने पर दो वर्ष की सजा का प्रावधान है। परीक्षा के दौरान बिना बताए या बिना अनुमति के परीक्षा स्थल छोड़ने पर भी दो वर्ष की सजा हो सकती है।
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परीक्षार्थियों को उकसाया तो तीन साल की कैद होगी
परीक्षा केंद्र के अधिकारियों जैसे केंद्र अधीक्षक, निरीक्षक, सुरक्षा गार्ड या आयोग के प्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार करने या उनके डराने व धमकी देने पर तीन वर्ष की सजा हो सकती है। परीक्षा के संचालन में बाधा डालने अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा नहीं देने के लिए उकसाने पर भी तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, गलत या झूठे बयान देना, कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना, जाली दस्तावेज प्रस्तुत करना, एक ही परीक्षा में एक से अधिक बार उपस्थित होना और परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे/उपकरणों को नुकसान पहुंचाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इन सभी में दाेषी पाए जाने पर तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है।
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नकल करने पर सर्वर हैक करने पर भी पांच साल की सजा
-परीक्षा में जाली प्रवेश-पत्र व जाली पहचान-पत्र के साथ आए तो 5 वर्ष तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, नकल करने या किसी भी सामग्री या किसी भी अभ्यर्थी से धोखाधड़ी करने पर भी पांच वर्ष की सजा का प्रावधान है।
-केंद्र अधीक्षक, निरीक्षक, सुरक्षा गार्ड या आयोग के प्रतिनिधियों पर हमला करने, बल प्रयोग करने व शारीरिक क्षति पहुंचाने और उनको हथियारों से डराना या परीक्षा के दाैरान हथियार रखने पर भी पांच साल की कैद होगी।
-परीक्षा हाल में बंद या चालू मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, जासूसी कैमरे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखने, प्रश्नपत्रों या परीक्षा सामग्री के स्नैपशॉट लेने, वीडियो बनाने, रिमोट डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर या एप के माध्यम से परीक्षा टर्मिनल साझा करने के अलावा परीक्षा से पहले, दौरान या बाद में किसी भी समय परीक्षा सर्वर से छेड़छाड़ या उसे हैक करने पर भी पांच साल की सजा होगी।
-लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षण, जांच या किसी अन्य चरण में किसी भी व्यक्ति के माध्यम से गड़बड़ी करने, बायोमेट्रिक, चेहरे का डेटा नहीं देने वाले को भी दोषी माना जाएगा।