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Chandigarh-Haryana News: भ्रष्टाचार मामले मे सीबीआई कोर्ट के आदेश को चुनौती, जस्टिस निर्मल यादव सहित अन्य को नोटिस
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-सीबीआई कोर्ट ने भ्रष्टाचार से जुड़े 2008 के मामले में उन्हें कर दिया था बरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व जस्टिस निर्मल यादव को बरी करने के सीबीआई कोर्ट के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सीबीआई की अपील पर कोर्ट ने पूर्व जस्टिस निर्मल यादव और तीन अन्य को नोटिस जारी किया है।
2008 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस निर्मलजीत कौर के चपरासी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वकील संजीव बंसल के क्लर्क प्रकाश राम ने उनकी अदालत में 15 लाख रुपये नकद से भरा बैग पहुंचाया था। क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया गया और उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि बैग पूर्व सहायक अटॉर्नी जनरल संजीव बंसल की ओर से न्यायमूर्ति निर्मल यादव के आवास पर पहुंचाया जाना था। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने निष्कर्ष निकाला कि जस्टिस यादव ने न्यायाधीश के रूप में अभियुक्त रविन्द्र सिंह से 15 लाख रुपये और अन्य मूल्यवान वस्तुएं प्राप्त कीं। अभियुक्त अधिवक्ता संजीव बंसल से हवाई टिकट प्राप्त किया।
सीबीआई कोर्ट में न्यायाधीश ने मामले को खारिज कर दिया और न्यायमूर्ति यादव और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। न्यायमूर्ति मंजरी नेहरू कौल और न्यायमूर्ति एचएस ग्रेवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 15 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध की।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व जस्टिस निर्मल यादव को बरी करने के सीबीआई कोर्ट के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सीबीआई की अपील पर कोर्ट ने पूर्व जस्टिस निर्मल यादव और तीन अन्य को नोटिस जारी किया है।
2008 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस निर्मलजीत कौर के चपरासी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वकील संजीव बंसल के क्लर्क प्रकाश राम ने उनकी अदालत में 15 लाख रुपये नकद से भरा बैग पहुंचाया था। क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया गया और उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि बैग पूर्व सहायक अटॉर्नी जनरल संजीव बंसल की ओर से न्यायमूर्ति निर्मल यादव के आवास पर पहुंचाया जाना था। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने निष्कर्ष निकाला कि जस्टिस यादव ने न्यायाधीश के रूप में अभियुक्त रविन्द्र सिंह से 15 लाख रुपये और अन्य मूल्यवान वस्तुएं प्राप्त कीं। अभियुक्त अधिवक्ता संजीव बंसल से हवाई टिकट प्राप्त किया।
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सीबीआई कोर्ट में न्यायाधीश ने मामले को खारिज कर दिया और न्यायमूर्ति यादव और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। न्यायमूर्ति मंजरी नेहरू कौल और न्यायमूर्ति एचएस ग्रेवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 15 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध की।
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