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Chandigarh-Haryana News: एचकेआरएन व संविदा कर्मियों के हड़ताल पर जाने पर लगाई रोक
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- संयुक्त संघर्ष मोर्चा के सभी कर्मचारी व इंजीनियर संगठनों के साथ ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में बैठक आज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राज्यव्यापी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार और बिजली निगम सक्रिय हो गए हैं। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएनएल) ने एचकेआरएनएल और संविदा कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल न होने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं संयुक्त संघर्ष मोर्चे की मांग के बाद सरकार ने बुधवार को ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी कर्मचारी और इंजीनियर संगठनों के साथ अहम बैठक बुलाई है जिसमें लंबित मांगों और हड़ताल पर चर्चा होगी।
एचवीपीएनएल ने जारी आदेश में कहा है कि बिजली जनोपयोगी सेवा है इसलिए सभी एचकेआरएन और संविदा कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहकर नियमित ड्यूटी करनी होगी। किसी भी कर्मचारी के हड़ताल में शामिल होने, दूसरों को इसके लिए उकसाने या कार्य में बाधा डालने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल के दौरान अनुपस्थिति को जानबूझकर ड्यूटी से गैरहाजिर माना जाएगा। इसका सेवा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर संयुक्त संघर्ष मोर्चे ने बताया कि पहले सरकार ने वार्ता के लिए केवल एक कर्मचारी संगठन को बुलाया था। मोर्चे ने सभी संबद्ध कर्मचारी और इंजीनियर संगठनों को साथ बुलाने की मांग रखी जिसके बाद सरकार ने बुधवार दोपहर तीन बजे हरियाणा सिविल सचिवालय में संयुक्त बैठक का निमंत्रण जारी किया है। कर्मचारी संगठनों ने इसे संयुक्त मोर्चे की एकता की सफलता बताया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राज्यव्यापी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार और बिजली निगम सक्रिय हो गए हैं। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएनएल) ने एचकेआरएनएल और संविदा कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल न होने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं संयुक्त संघर्ष मोर्चे की मांग के बाद सरकार ने बुधवार को ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में सभी कर्मचारी और इंजीनियर संगठनों के साथ अहम बैठक बुलाई है जिसमें लंबित मांगों और हड़ताल पर चर्चा होगी।
एचवीपीएनएल ने जारी आदेश में कहा है कि बिजली जनोपयोगी सेवा है इसलिए सभी एचकेआरएन और संविदा कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहकर नियमित ड्यूटी करनी होगी। किसी भी कर्मचारी के हड़ताल में शामिल होने, दूसरों को इसके लिए उकसाने या कार्य में बाधा डालने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल के दौरान अनुपस्थिति को जानबूझकर ड्यूटी से गैरहाजिर माना जाएगा। इसका सेवा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
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दूसरी ओर संयुक्त संघर्ष मोर्चे ने बताया कि पहले सरकार ने वार्ता के लिए केवल एक कर्मचारी संगठन को बुलाया था। मोर्चे ने सभी संबद्ध कर्मचारी और इंजीनियर संगठनों को साथ बुलाने की मांग रखी जिसके बाद सरकार ने बुधवार दोपहर तीन बजे हरियाणा सिविल सचिवालय में संयुक्त बैठक का निमंत्रण जारी किया है। कर्मचारी संगठनों ने इसे संयुक्त मोर्चे की एकता की सफलता बताया है।
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