{"_id":"691f770209b1a8252802152e","slug":"association-protests-against-suspension-of-doctors-haryana-news-chandigarh-haryana-news-c-16-pkl1010-876644-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: डॉक्टरों को निलंबित करने पर विरोध में उतरी एसोसिएशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: डॉक्टरों को निलंबित करने पर विरोध में उतरी एसोसिएशन
विज्ञापन
दो जिलों में पैनडाउन हड़ताल, कहा- सिर्फ डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लिंगानुपात में सुधार न करने पर दो डॉक्टरों के निलंबन से डॉक्टर विरोध में उतर आए हैं। इसके विरोध में सिरसा और सोनीपत की हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) ने एक दिवसीय सांकेतिक तौर पर पैनडाउन हड़ताल भी रखी है। वहीं, एसोसिएशन ने इस बारे में सीएम को पत्र लिख डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को सोनीपत और सिरसा के दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। दोनों पर आरोप है कि लिंगानुपात के सुधार में दोनों की ओर से लापरवाही बरती गई है। एसोसिएशन की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि कम लिंगानुपात एक सामाजिक समस्या है और यह लोगों की मानसिकता से जुड़ा है। इसमें कई चुनौतियां हैं, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर इससे निपटने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में कम लिंगानुपात वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई के कुछ मनमाने आदेश जारी किए गए हैं। कम लिंगानुपात के लिए डॉक्टरों को चार्जशीट करना, उन्हें विदेश यात्रा के लिए एनओसी न देना जैसे आदेश अनुचित है। इससे पहले भी, उत्कृष्ट कार्य कर रहे एक पीएनडीटी जिला नोडल अधिकारी को मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया था। अब, हाल ही में कम लिंगानुपात के कारण दो डॉक्टरों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। कम लिंगानुपात के लिए केवल डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराना अनुचित और मनमाना है। ऐसी दंडात्मक कार्रवाइयों से डॉक्टर खुद को हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं। ऐसी अनुचित कार्रवाइयों से डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। ऐसे में आपसे अनुरोध हे कि डॉक्टरों के खिलाफ की जा रही ऐसी दंडात्मक कार्रवाई को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लिंगानुपात में सुधार न करने पर दो डॉक्टरों के निलंबन से डॉक्टर विरोध में उतर आए हैं। इसके विरोध में सिरसा और सोनीपत की हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) ने एक दिवसीय सांकेतिक तौर पर पैनडाउन हड़ताल भी रखी है। वहीं, एसोसिएशन ने इस बारे में सीएम को पत्र लिख डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को सोनीपत और सिरसा के दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। दोनों पर आरोप है कि लिंगानुपात के सुधार में दोनों की ओर से लापरवाही बरती गई है। एसोसिएशन की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि कम लिंगानुपात एक सामाजिक समस्या है और यह लोगों की मानसिकता से जुड़ा है। इसमें कई चुनौतियां हैं, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर इससे निपटने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में कम लिंगानुपात वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई के कुछ मनमाने आदेश जारी किए गए हैं। कम लिंगानुपात के लिए डॉक्टरों को चार्जशीट करना, उन्हें विदेश यात्रा के लिए एनओसी न देना जैसे आदेश अनुचित है। इससे पहले भी, उत्कृष्ट कार्य कर रहे एक पीएनडीटी जिला नोडल अधिकारी को मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया था। अब, हाल ही में कम लिंगानुपात के कारण दो डॉक्टरों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। कम लिंगानुपात के लिए केवल डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराना अनुचित और मनमाना है। ऐसी दंडात्मक कार्रवाइयों से डॉक्टर खुद को हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं। ऐसी अनुचित कार्रवाइयों से डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। ऐसे में आपसे अनुरोध हे कि डॉक्टरों के खिलाफ की जा रही ऐसी दंडात्मक कार्रवाई को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें।
विज्ञापन