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Chandigarh-Haryana News: एचएसवीपी के प्लॉट नियमित करने को एमनेस्टी योजना लागू
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के उन आवंटियों को बड़ी राहत दी है, जिनके रिहायशी प्लॉट ई-नीलामी के बाद रद्द कर दिए गए थे। ऐसे प्लॉट धारकों के लिए हरियाणा सरकार ने एमनेस्टी योजना लागू करने की घोषणा की है।
इस योजना के माध्यम से 6 जुलाई 2020 के बाद ई-नीलामी के माध्यम से बेचने के बाद रद्द किए गए रिहायशी प्लॉटों को नियमित किया जा सकेगा। हरियाणा सरकार ने यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित एचएसवीपी की 128वीं बैठक में की।
एमनेस्टी योजना का मकसद उन आवंटियों को राहत प्रदान करना है, जिनके रिहायशी प्लॉट ई-नीलामी के बाद रद्द कर दिए गए थे। यह योजना 6 जुलाई 2020 से लेकर योजना की घोषणा तक हुई ई-नीलामियों में खरीदे गए रिहायशी श्रेणी के प्लॉटों (ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को छोड़कर) पर लागू होगी। जो बोलीदाता प्लॉट की कुल लागत के 25 फीसदी में से कम से कम 15 फीसदी राशि पहले ही जमा कर चुके थे, मगर शेष राशि समय पर जमा न कर पाने के कारण जिनके प्लॉट रद्द कर दिए गए, वे इस योजना के पात्र होंगे।
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ऐसे आवंटियों को अपनी बकाया राशि पर 18 फीसदी वार्षिक ब्याज समेत पूर्ण भुगतान करना होगा। यह ब्याज दर देय तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान तिथि तक लागू रहेगी। पहली एमनेस्टी योजना का लाभ न उठा पाने वाले बोलीदाता इस योजना के तहत भी पात्र होंगे। ऐसे आवंटियों को बकाया राशि पर 24 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करना होगा। ब्यूरो
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इस योजना के माध्यम से 6 जुलाई 2020 के बाद ई-नीलामी के माध्यम से बेचने के बाद रद्द किए गए रिहायशी प्लॉटों को नियमित किया जा सकेगा। हरियाणा सरकार ने यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित एचएसवीपी की 128वीं बैठक में की।
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एमनेस्टी योजना का मकसद उन आवंटियों को राहत प्रदान करना है, जिनके रिहायशी प्लॉट ई-नीलामी के बाद रद्द कर दिए गए थे। यह योजना 6 जुलाई 2020 से लेकर योजना की घोषणा तक हुई ई-नीलामियों में खरीदे गए रिहायशी श्रेणी के प्लॉटों (ग्रुप हाउसिंग सोसायटी को छोड़कर) पर लागू होगी। जो बोलीदाता प्लॉट की कुल लागत के 25 फीसदी में से कम से कम 15 फीसदी राशि पहले ही जमा कर चुके थे, मगर शेष राशि समय पर जमा न कर पाने के कारण जिनके प्लॉट रद्द कर दिए गए, वे इस योजना के पात्र होंगे।
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ऐसे आवंटियों को अपनी बकाया राशि पर 18 फीसदी वार्षिक ब्याज समेत पूर्ण भुगतान करना होगा। यह ब्याज दर देय तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान तिथि तक लागू रहेगी। पहली एमनेस्टी योजना का लाभ न उठा पाने वाले बोलीदाता इस योजना के तहत भी पात्र होंगे। ऐसे आवंटियों को बकाया राशि पर 24 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करना होगा। ब्यूरो