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ADGP Suicide: 'नोट में जिन पर आरोप, उनके नाम कॉलम में लिखना जरूरी नहीं', एक्सपर्ट ने बताया क्या है बड़ी चुनौती

Sat, 11 Oct 2025 03:23 PM IST
शाहरुख खान संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 11 Oct 2025 03:23 PM IST
सार

एडीजीपी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। मामला बेहद हाई प्रोफाइल है, क्योंकि इसमें कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम एफआईआर के कंटेंट में दर्ज हैं। ऐसे में यह जांच चंडीगढ़ पुलिस के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगी।

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ADGP Suicide Case expert says It is not necessary to write names of those accused in suicide note
ADGP Suicide Case - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एडीजीपी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगी। डीजीपी ने इसके लिए छह सदस्यीय एसआईटी बना दी है। आरोपियों को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। 
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सेवानिवृत्त डीएसपी जगबीर सिंह ने कहा कि हाईप्रोफाइल मामलों में अक्सर जांच टीम पर दबाव बनने की संभावना रहती है लेकिन अगर जांच टीम अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में काम कर रही हो तो कोई भी बाहरी दबाव जांच को प्रभावित नहीं कर सकता।
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सवाल: एफआईआर में आरोपियों के कॉलम में नाम नहीं हैं, इससे क्या फर्क पड़ता है?
जवाब : एफआईआर के कंटेंट में जिन लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज हैं वही आरोपी माने जाते हैं। जरूरी नहीं कि नाम कॉलम में लिखे हों। एफआईआर की सामग्री (कंटेंट) में दर्ज नाम ही कानूनी रूप से मान्य माने जाते हैं।
 

सवाल : एफआईआर के कंटेंट में लगभग 15 नाम हैं। अगर कोई बेगुनाह हुआ तो क्या वह भी आरोपी माना जाएगा?
जवाब : अगर किसी अधिकारी का नाम एफआईआर में है लेकिन उस पर कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है तो वो आरोपी नहीं माना जाएगा। अगर जांच में नए नाम सामने आते हैं तो वे भी आरोपी बनाए जा सकते हैं।
 
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ADGP Suicide Case expert says It is not necessary to write names of those accused in suicide note
आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सवाल : धारा सभी आरोपियों पर एक जैसी लगी हैं जबकि कई पर आरोप अलग-अलग हैं। इस पर कार्रवाई कैसे होगी?
जवाब : पुलिस जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धाराओं में बदलाव कर सकती है। चार्जशीट फाइल करते समय हर आरोपी पर अलग-अलग साक्ष्यों के अनुसार आरोप तय किए जाते हैं।

 

सवाल: आगे एसआईटी क्या कदम उठा सकती है?
जवाब: जांच के दौरान जिनकी भूमिका सामने आएगी एसआईटी उन्हें समन भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को चाहे वह किसी भी पद पर हो तलब किया जा सकता है।
 

ADGP Suicide Case expert says It is not necessary to write names of those accused in suicide note
आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार और डीजीपी शत्रुजीत कपूर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
संगठनों की चेतावनी सफाई व्यवस्था करेंगे ठप, चंडीगढ़ करेंगे जाम
आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के आत्महत्या प्रकरण में दलित संगठनों, धार्मिक और सामाजिक संगठनों में रोष है। सभी संगठनों ने मांग की जिनके एफआईआर में नाम दर्ज हैं उनकी गिरफ्तारी कर पद से हटाए जाएं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना भी पहुंचे। उन्होंने आईएएस अमनीत पी कुमार से वार्ता की। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना से दलित संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी न्यायिक शक्तियों के उपयोग के लिए कहा। 
 

कहा, मामले का गंभीरता के साथ संज्ञान लें। परिवार के सदस्य और संगठनों के प्रतिनिधि इस बात से असंतुष्ट थे कि डीजीपी और रोहतक के एसपी को अभी तक पदों से नहीं हटाया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने भी इस बीच पहुंच गए। 

ADGP Suicide Case expert says It is not necessary to write names of those accused in suicide note
चंडीगढ़ में आईपीएस अमनीत पी कुमार के निवास पर दुख प्रकट करने पहुंचे सीएम सैनी - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों के अलावा चंडीगढ़ एसपी कंवरदीप कौर भी पहुंची। रात तक करीब 7.45 बजे अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि मैं परिवार के दुख को बांटने आया हूं और परिवार को पूरा न्याय मिलेगा यह सभी को बताने आया हूं।
 

दलित संगठनों ने की 31 सदस्यीय कमेटी गठित, कई राज्यों से आएंगे 500-500 पदाधिकारी
दलित संगठनों ने आईएएस अमनीत पी कुमार के आवास पर बैठक की। देर रात 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से 5-5 कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ 500-500 पदाधिकारी लाने का निर्णय हुआ है। 

 

ADGP Suicide Case expert says It is not necessary to write names of those accused in suicide note
चंडीगढ़ में आईपीएस अमनीत पी कुमार के निवास पर दुख प्रकट करने पहुंचे सीएम सैनी - फोटो : अमर उजाला
दलित संगठनों के पदाधिकारी कर्मवीर सिंह, गुरमिल आदि ने बताया कि शनिवार की सुबह 11 बजे सेक्टर-24 स्थित के निकट वार्ता करेंगे। यदि सरकार ने शनिवार की सुबह 10 बजे तक जिन अधिकारियों पर आरोप हैं कि उन्हें पदों से नहीं हटाया और गिरफ्तार नहीं किया तो स्थाई रूप से दरी बिछाकर धरना शुरू किया जाएगा। इसके अलावा भी कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
 

दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी(अठावले) के प्रदेश अध्यक्ष रवि सोनू कुंडलू ने दलित उत्पीड़न के बढ़ते मामलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि वाई पूरन कुमार का समाज के लिए त्याग बेकार नहीं जाएगा। समाज का प्रत्येक व्यक्ति उनके साथ है। यह भी चेतावनी दी है कि शनिवार तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो सफाई व्यवस्था ठप करेंगे और चंडीगढ़ भी जाम करेंगे।
 
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