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Chandigarh-Haryana News: जलवायु बदलाव से निपटने के लिए 100 करोड़ का ग्रीन क्लाइमेट फंड बनेगा
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फोटो -
- यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विशेष मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और हरित परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये के प्रारंभिक प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस फंड का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। राव नरबीर चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ विभागीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजना इस फंड के माध्यम से शून्य प्रदूषण उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण और जलवायु-अनुकूल कृषि जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों और निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे वायु और जल प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
इसी कड़ी में प्रदेश से गुजरने वाली 313 किलोमीटर लंबी यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी मिशन मोड में काम शुरू किया गया है। सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चल रहे इस अभियान के तहत सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक इकाइयों की रियल टाइम निगरानी, नदी में गिरने वाले नालों के पानी का वैज्ञानिक उपचार, हरित पट्टी विकास और भू-जल पुनर्भरण जैसे कदम उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक यमुना में गिरने वाले सभी नालों के पानी का उपचार सुनिश्चित करना है। विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में इन पहलों और पर्यावरण संरक्षण की अन्य योजनाओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।
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- यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विशेष मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और हरित परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये के प्रारंभिक प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस फंड का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। राव नरबीर चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ विभागीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजना इस फंड के माध्यम से शून्य प्रदूषण उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण और जलवायु-अनुकूल कृषि जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों और निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे वायु और जल प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
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इसी कड़ी में प्रदेश से गुजरने वाली 313 किलोमीटर लंबी यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी मिशन मोड में काम शुरू किया गया है। सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चल रहे इस अभियान के तहत सीवेज शोधन क्षमता बढ़ाने, औद्योगिक इकाइयों की रियल टाइम निगरानी, नदी में गिरने वाले नालों के पानी का वैज्ञानिक उपचार, हरित पट्टी विकास और भू-जल पुनर्भरण जैसे कदम उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक यमुना में गिरने वाले सभी नालों के पानी का उपचार सुनिश्चित करना है। विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को गुरुग्राम में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में इन पहलों और पर्यावरण संरक्षण की अन्य योजनाओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।
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