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Chandigarh-Haryana News: राजस्व रिकार्ड से हटेंगे उर्दू-फारसी के 900 शब्द
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राजस्व आयोग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राजस्व विभाग में इस्तेमाल होने वाले उर्दू-फारसी के 900 शब्द बहुत जल्द हटा दिए जाएंगे। इनकी जगह हिंदी व अंग्रेजी के शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे। राजस्व आयोग ने इस संबंध में हरियाणा सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में इन शब्दों को हटाने की सिफारिश की गई है।
हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने साल 2023 में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू को राजस्व आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया था। मनोहर लाल ने उन्हें राजस्व विभाग के दस्तावेजों में शामिल उर्दू-फारसी के शब्द हटाने और भूमि से जुड़े कानूनों में संशोधन करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आयोग ने करीब 30 महीने के बाद इस पूरे मामले में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। दरअसल उर्दू-फारसी के शब्द न तो अधिकारियों को समझ में आता था और न ही आम लोगों को। इस वजह से ठगी के भी मामले भी सामने आ रहे थे। हालांकि ऐसे शब्दों की जगह अब हिंदी व अंग्रेजी के शब्द चलन में आ गए थे। आयोग ने इस बारे में उपायुक्तों से भी राय मांगी थी। उपायुक्तों से राय आने के बाद आयोग ने इस पर काम किया और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब बहुत जल्द आयोग की रिपोर्ट पर सरकार फैसला लेगी और इन शब्दों की जगह अंग्रेजी और हिंदी के शब्द लिखे जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राजस्व विभाग में इस्तेमाल होने वाले उर्दू-फारसी के 900 शब्द बहुत जल्द हटा दिए जाएंगे। इनकी जगह हिंदी व अंग्रेजी के शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे। राजस्व आयोग ने इस संबंध में हरियाणा सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में इन शब्दों को हटाने की सिफारिश की गई है।
हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने साल 2023 में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू को राजस्व आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया था। मनोहर लाल ने उन्हें राजस्व विभाग के दस्तावेजों में शामिल उर्दू-फारसी के शब्द हटाने और भूमि से जुड़े कानूनों में संशोधन करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आयोग ने करीब 30 महीने के बाद इस पूरे मामले में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। दरअसल उर्दू-फारसी के शब्द न तो अधिकारियों को समझ में आता था और न ही आम लोगों को। इस वजह से ठगी के भी मामले भी सामने आ रहे थे। हालांकि ऐसे शब्दों की जगह अब हिंदी व अंग्रेजी के शब्द चलन में आ गए थे। आयोग ने इस बारे में उपायुक्तों से भी राय मांगी थी। उपायुक्तों से राय आने के बाद आयोग ने इस पर काम किया और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब बहुत जल्द आयोग की रिपोर्ट पर सरकार फैसला लेगी और इन शब्दों की जगह अंग्रेजी और हिंदी के शब्द लिखे जाएंगे।
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