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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   7 plants will be set up on PPP mode in the sugar mills of the state

Chandigarh-Haryana News: प्रदेश की शुगर मिलों में पीपीपी मोड पर स्थापित होंगे 7 प्लांट

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चीनी मिलों से निकलने वाली खोई से तैयार होगी गिट्टी
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- शुगर मिलों में चीनी बैग पर ऑनलाइन निगरानी की तैयारी
हर बैग का होगा अपना नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों में पेराई सत्र से पूर्व की तैयारियों पर काम शुरू हो गया है। चीनी मिलों के माध्यम से राजस्व कमाने की भी तैयारी है। प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में गन्ना पेराई के बाद बचने वाली खोई की गिट्टी बनाकर थर्मल पावर प्लांट में आपूर्ति की जाएगी। इसलिए सात सहकारी चीनी मिलों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर प्लांट लगाने की तैयारी है। इसके लिए जल्द ही शुगर फेडरेशन कार्य योजना तैयार करेगा। वहीं, चीनी मिलों में चीनी बैग पर ऑनलाइन मार्किंग होगी। प्रत्येक चीनी बैग पर सीरियल नंबर, बैच संख्या, चीनी उत्पादन व चीनी भरने की तिथि भी दर्ज होगी।
बुधवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की अध्यक्षता में शुगर फेडरेशन और इससे जुडी सहकारी चीनी मिलों की समीक्षा बैठक आयोजित की। सहकारिता ने बैठक में बताया कि सहकारी चीनी मिल करनाल, गोहाना, सोनीपत, जींद, पलवल, महम व कैथल में गन्ना पेराई उपरांत बचने वाली खोई से गिट्टी तैयार करने के लिए पीपीपी मोड पर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। पेराई सत्र वर्ष 2025-2026 के लिए सहकारी चीनी मिलों में 343 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा है और चीनी मिलों में पेराई सत्र के लिए अब तक 60 प्रतिशत मेंटेनेंस का काम पूरा हो चुका है। माैके पर सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, शुगर फेडरेशन के प्रबंध निदेशक शक्ति सिंह, सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशक उपस्थित रहे।
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पानीपत में लगाया जाएगा इथेनाॅल प्लांट
सहकारी चीनी मिल पानीपत में 150 करोड़ रुपये की लागत से इथेनाॅल प्लांट स्थापित होगा। इसके लिए जल्द टेंडर की प्रक्रिया पूरी होगी। सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने गन्ने के क्षेत्र के घटने पर चिंता जताते हुए सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों से किसानों के पास पहुंचकर संवाद करने को कहा है। यह भी सुझाव दिया है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से 5 वर्ष पुराने किसानों को फिर से जोड़ा जा सकेगा। मिलों में घाटे को कम करने के लिए बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दूसरे विकल्पों पर भी काम करने का सुझाव दिया है। मंत्री ने यह भी आदेश दिए हैं कि गन्ना उत्पादकों को मजदूरों के संबंध में आ रही परेशानियों के समाधान के लिए हार्वेस्टिंग मशीन सब्सिडी दी जाए।
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