{"_id":"6836fd30a0d017a4fe01cd6f","slug":"28-cases-of-drug-smuggling-registered-in-the-first-quarter-with-the-help-of-62-dogs-haryana-news-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-721940-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: पहली तिमाही में 62 डॉग्स की मदद से नशा तस्करी के 28 मुकदमे दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: पहली तिमाही में 62 डॉग्स की मदद से नशा तस्करी के 28 मुकदमे दर्ज
विज्ञापन
फोटो -
युद्ध नशे के विरूद्ध ...
-हिसार यूनिट के के डॉग रेम्बो का रहा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तकनीकी साधनों, मानव खुफिया नेटवर्क और कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ प्रशिक्षित नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स की अहम भूमिका है। ये नार्कों डॉग्स किसी भी संदिग्ध पैकेट, बंद वाहन या दीवारों में छिपाई गई मादक पदार्थ को आसानी से खोज लेते हैं। साल 2025 की पहली तिमाही में 62 डॉग्स की मदद से पुलिस ने नशा बरामद करके 28 एफआईआर दर्ज किए हैं।
इस वर्ष राज्य पुलिस के डॉग स्क्वॉड ने अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। इस वर्ष हिसार यूनिट में तैनात डॉग रेम्बो ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कई मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई है। इसी तरह पिछले वर्ष 2024 में डॉग स्क्वॉड की सहायता से 28 एफआईआर दर्ज की गई थी। इस वर्ष हांसी जिले में तैनात डॉग माही ने सबसे अधिक सफलता दर्ज कराई थी। वहीं, 2023 में डॉग्स की सहायता से कुल 26 एफआईआर दर्ज की गई। इस दौरान सोनीपत में तैनात डॉग टॉम की अहम भूमिका थी।
राज्य में तैनात 62 ट्रेंड डॉग्स -
वर्तमान में हर जिले में एक या एक से अधिक नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स तैनात हैं, जिनकी संख्या 62 हैं। ये सभी डॉग्स कम से कम छह माह के गहन प्रशिक्षण से गुजरते हैं। इसके अतिरिक्त ये डॉग्स गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, वीआईपी कार्यक्रमों और पुलिस प्रदर्शनियों में भी अपनी अनुशासन और दक्षता का प्रदर्शन करते हैं। 2024 में लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में डॉग चार्ली ने 8वां स्थान प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
युद्ध नशे के विरूद्ध ...
-हिसार यूनिट के के डॉग रेम्बो का रहा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तकनीकी साधनों, मानव खुफिया नेटवर्क और कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ प्रशिक्षित नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स की अहम भूमिका है। ये नार्कों डॉग्स किसी भी संदिग्ध पैकेट, बंद वाहन या दीवारों में छिपाई गई मादक पदार्थ को आसानी से खोज लेते हैं। साल 2025 की पहली तिमाही में 62 डॉग्स की मदद से पुलिस ने नशा बरामद करके 28 एफआईआर दर्ज किए हैं।
इस वर्ष राज्य पुलिस के डॉग स्क्वॉड ने अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। इस वर्ष हिसार यूनिट में तैनात डॉग रेम्बो ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कई मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई है। इसी तरह पिछले वर्ष 2024 में डॉग स्क्वॉड की सहायता से 28 एफआईआर दर्ज की गई थी। इस वर्ष हांसी जिले में तैनात डॉग माही ने सबसे अधिक सफलता दर्ज कराई थी। वहीं, 2023 में डॉग्स की सहायता से कुल 26 एफआईआर दर्ज की गई। इस दौरान सोनीपत में तैनात डॉग टॉम की अहम भूमिका थी।
विज्ञापन
राज्य में तैनात 62 ट्रेंड डॉग्स -
वर्तमान में हर जिले में एक या एक से अधिक नारकोटिक्स डिटेक्शन डॉग्स तैनात हैं, जिनकी संख्या 62 हैं। ये सभी डॉग्स कम से कम छह माह के गहन प्रशिक्षण से गुजरते हैं। इसके अतिरिक्त ये डॉग्स गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, वीआईपी कार्यक्रमों और पुलिस प्रदर्शनियों में भी अपनी अनुशासन और दक्षता का प्रदर्शन करते हैं। 2024 में लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में डॉग चार्ली ने 8वां स्थान प्राप्त किया।
विज्ञापन