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खतरनाक सांपो को पकड़ना है खेल
कैथल
Updated Fri, 13 Sep 2013 11:09 PM IST
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हरियाणा के कैथल जिले के राजौंद हलके में जिंदा सांपों को पकड़कर बिना नुकसान पहुंचाएं उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना सतीश फफड़ाना के हाथों का हुनर है।
शुक्रवार को कस्बा के दुर्गा मंदिर कालोनी के एक मकान में सांप घुस आया। परिवार वालों ने सतीश फफड़ाना से संपर्क किया। सतीश ने चंद मिनटों में रेटस्नेक प्रजाति के सांप को जिंदा पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए ले गए।
उसके इस कार्य की दुर्गा मंदिर कालोनी के लोगों ने बहुत प्रशंसा की।
मूल रूप से फफड़ाना निवासी सतीश कुमार स्नेक मैन, छुपे सांपों को ढूंढने में इतने माहिर कि बिना नुकसान पहुंचाएं चंद मिनटों में पकड़कर सांप के भय से लोगों को मुक्त कर देते हैं।
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15 वर्षों में उन्होंने 4600 सांपों को जिंदा पकड़कर सकुशल जंगलों में छोड़ चुके हैं। इस कार्य के लिए उन्हें मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से करनाल में सम्मानित भी किया जा चुका है।
इसके अलावा उन्हें जिला स्तर व प्रदेश स्तर से कई अवार्डों से नवाजा जा चुका है। अब तक सांप से काटे कई लोगों की जान भी बचा चुके हैं।
सतीश फफड़ाना ने बताया कि इस काम के लिए पुणे, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मद्रास से सांपों की प्रजातियों के विशेषज्ञों से बकायदा प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ है।
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शुक्रवार को कस्बा के दुर्गा मंदिर कालोनी के एक मकान में सांप घुस आया। परिवार वालों ने सतीश फफड़ाना से संपर्क किया। सतीश ने चंद मिनटों में रेटस्नेक प्रजाति के सांप को जिंदा पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए ले गए।
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उसके इस कार्य की दुर्गा मंदिर कालोनी के लोगों ने बहुत प्रशंसा की।
मूल रूप से फफड़ाना निवासी सतीश कुमार स्नेक मैन, छुपे सांपों को ढूंढने में इतने माहिर कि बिना नुकसान पहुंचाएं चंद मिनटों में पकड़कर सांप के भय से लोगों को मुक्त कर देते हैं।
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15 वर्षों में उन्होंने 4600 सांपों को जिंदा पकड़कर सकुशल जंगलों में छोड़ चुके हैं। इस कार्य के लिए उन्हें मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से करनाल में सम्मानित भी किया जा चुका है।
इसके अलावा उन्हें जिला स्तर व प्रदेश स्तर से कई अवार्डों से नवाजा जा चुका है। अब तक सांप से काटे कई लोगों की जान भी बचा चुके हैं।
सतीश फफड़ाना ने बताया कि इस काम के लिए पुणे, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मद्रास से सांपों की प्रजातियों के विशेषज्ञों से बकायदा प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ है।