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सोनीपत में दिल्ली विधानसभा चुनाव की हलचल
नरेला (सोनीपत)/सतीश शर्मा
Updated Sun, 24 Nov 2013 10:58 PM IST
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की हलचल सोनीपत के नरेला से सटे गांवों में भी देखने
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को मिल रही है। सोनीपत के लगभग एक दर्जन गांवों में दिल्ली के नेताओं ने
चक्कर लगाने शुरू किए हुए हैं।
इन गांवों से हजारों लोग नरेला में जाकर बसे हुए हैं और वहां की राजनीति और वोट बैंक पर अपना प्रभाव रखते हैं। इस वजह से इन लोगों की रिश्तेदारियों में जाकर भी नेता वोट की अपील कर रहे हैं।
इन गांवों में है सरगर्मियां
नाहरी, नाहरा, कत्लुपुर, हलालपुर, मंदौरा, सथियाबाद, राठधाना, प्याऊ मनियारी, कुंडली और टोर तिहाड़ा आदि गांव नरेला की राजनीति में अपना प्रभाव रखते हैं। टोर तिहाड़ा के सरपंच परविंद्र ने बताया कि नरेला से सटे सोनीपत के गांवों में भी प्रचार अभियान जोर-शोर से चल रहा है। इन गांवों के हजारों लोग नरेला में जाकर बसे हुए हैं। नरेला के काफी बड़े व्यापारी सोनीपत से ही संबंध रखते हैं।
14 प्रत्याशी आजमा रहे किस्मत
विधानसभा क्षेत्र संख्या एक नरेला से इस बार चुनाव मैदान में कुल चौदह प्रत्याशी हैं। इनमें निवर्तमान विधायक कांग्रेस के जसवंत राणा, भाजपा के नीलदमन खत्री, बहुजन समाज पार्टी से वीरेंद्र मान उर्फ काला, सीपीआई से संजय कुमार राणा, समाजवादी पार्टी से अजय कुमार, इनेलो से अजीत सिंह खत्री, असंख्य समाज पार्टी से प्रवेश, आम आदमी पार्टी से बलजीत सिंह मान, जनता दल युनाइटेड से मोहम्मद याकूब सिद्दकी, सीपीआईएम से रोहतास, पीस पार्टी से शमीम, लोकजन शक्ति पार्टी से सतीश और निर्दलीय अजय मुद्गिल और आजाद उम्मीदवार पं रामगोपाल शर्मा शामिल हैं।
पिछले साल यह बने थे समीकरण
वर्ष 2008 के चुनाव में नरेला सीट से कांग्रेस के जसवंत सिंह राणा ने यह सीट जीती थी। उन्होंने बसपा के शरद चौहान को निकट मुकाबले में मात दी थी। भाजपा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। हालांकि भाजपा और बसपा ने अपने प्रत्याशी बदलकर जीतने का जुगाड़ लगाया है, लेकिन आजाद उम्मीदवार के तौर पर पं रामगोपाल शर्मा के मैदान में उतर आने से मुकाबला रोमांचक बनता नजर आने लगा है।
भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार अजीत सिंह खत्री भी टिकट न मिलने की वजह से इनेलो की ओर से मैदान में हैं। कांग्रेस के सामने भी चुनौतियां कम नहीं हैं। कांग्रेस प्रत्याशी जसवंत सिंह राणा के पिछले चुनाव के दो खेवनहार पूर्व विधायक चरण सिंह कंडेरा और वीरेंद्र मान उर्फ काला रहे थे। वीरेंद्र मान उर्फ काला तो फिलहाल बसपा के उम्मीदवार हैं। रविवार को नरेला में बसपा द्वारा निकाली गई रैली में भारी भीड़ उमड़ी।
आजाद प्रत्याशी भी ठोक रहे ताल
पं. रामगोपाल शर्मा आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। वे विधानसभा चुनाव में 15 हजार वोट प्राप्त कर चुके हैं। इस वजह से इस बार मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।
इन गांवों से हजारों लोग नरेला में जाकर बसे हुए हैं और वहां की राजनीति और वोट बैंक पर अपना प्रभाव रखते हैं। इस वजह से इन लोगों की रिश्तेदारियों में जाकर भी नेता वोट की अपील कर रहे हैं।
इन गांवों में है सरगर्मियां
नाहरी, नाहरा, कत्लुपुर, हलालपुर, मंदौरा, सथियाबाद, राठधाना, प्याऊ मनियारी, कुंडली और टोर तिहाड़ा आदि गांव नरेला की राजनीति में अपना प्रभाव रखते हैं। टोर तिहाड़ा के सरपंच परविंद्र ने बताया कि नरेला से सटे सोनीपत के गांवों में भी प्रचार अभियान जोर-शोर से चल रहा है। इन गांवों के हजारों लोग नरेला में जाकर बसे हुए हैं। नरेला के काफी बड़े व्यापारी सोनीपत से ही संबंध रखते हैं।
14 प्रत्याशी आजमा रहे किस्मत
विधानसभा क्षेत्र संख्या एक नरेला से इस बार चुनाव मैदान में कुल चौदह प्रत्याशी हैं। इनमें निवर्तमान विधायक कांग्रेस के जसवंत राणा, भाजपा के नीलदमन खत्री, बहुजन समाज पार्टी से वीरेंद्र मान उर्फ काला, सीपीआई से संजय कुमार राणा, समाजवादी पार्टी से अजय कुमार, इनेलो से अजीत सिंह खत्री, असंख्य समाज पार्टी से प्रवेश, आम आदमी पार्टी से बलजीत सिंह मान, जनता दल युनाइटेड से मोहम्मद याकूब सिद्दकी, सीपीआईएम से रोहतास, पीस पार्टी से शमीम, लोकजन शक्ति पार्टी से सतीश और निर्दलीय अजय मुद्गिल और आजाद उम्मीदवार पं रामगोपाल शर्मा शामिल हैं।
पिछले साल यह बने थे समीकरण
वर्ष 2008 के चुनाव में नरेला सीट से कांग्रेस के जसवंत सिंह राणा ने यह सीट जीती थी। उन्होंने बसपा के शरद चौहान को निकट मुकाबले में मात दी थी। भाजपा को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। हालांकि भाजपा और बसपा ने अपने प्रत्याशी बदलकर जीतने का जुगाड़ लगाया है, लेकिन आजाद उम्मीदवार के तौर पर पं रामगोपाल शर्मा के मैदान में उतर आने से मुकाबला रोमांचक बनता नजर आने लगा है।
भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार अजीत सिंह खत्री भी टिकट न मिलने की वजह से इनेलो की ओर से मैदान में हैं। कांग्रेस के सामने भी चुनौतियां कम नहीं हैं। कांग्रेस प्रत्याशी जसवंत सिंह राणा के पिछले चुनाव के दो खेवनहार पूर्व विधायक चरण सिंह कंडेरा और वीरेंद्र मान उर्फ काला रहे थे। वीरेंद्र मान उर्फ काला तो फिलहाल बसपा के उम्मीदवार हैं। रविवार को नरेला में बसपा द्वारा निकाली गई रैली में भारी भीड़ उमड़ी।
आजाद प्रत्याशी भी ठोक रहे ताल
पं. रामगोपाल शर्मा आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। वे विधानसभा चुनाव में 15 हजार वोट प्राप्त कर चुके हैं। इस वजह से इस बार मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।