Bhiwani News: छोटे भाई ने ही की थी पूर्व छात्र नेता की कुल्हाड़ी से हत्या, गांव के जोहड़ से बरामद की कुल्हाड़ी
पवन की हत्या से पहले सुनील ने घर के अंदर उसकी मां सत्यभामा, भाभी पुष्पा, भतीजा अरविंद के कमरे के बाहर कुंडी लगा दी थी। जबकि वह खुद अलग कमरे में था।
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भिवानी के गांव बापोड़ा में करीब एक पखवाड़े पहले पूर्व छात्र नेता पवन हत्याकांड का भिवानी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि भाई की हत्या में शिकायतकर्ता बने छोटे भाई ने ही हत्याकांड को अंजाम दिया था। भिवानी सीआईए द्वितीय पुलिस ने हत्या आरोपी भाई सुनील को गिरफ्तार किया है। वहीं उसकी निशानदेही पर गांव के जोहड़ से हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी भी बरामद हो चुकी है।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि दोनों भाईयों के बीच अक्सर झगड़ा रहता था और पारिवारिक कलह के चलते ही बड़े भाई के खून से छोटे भाई ने अपने हाथ रंग लिए। गांव बापोड़ा में गत 27 जून की रात को पवन (52) की कनपटी पर तेजधार हथियार से दो बार वार कर हत्या कर दी थी। जिस समय पवन की हत्या हुई वह अलग कमरे के अंदर सो रहा था, जबकि उसकी पत्नी, मां और बेटा अलग कमरे के अंदर थे। इस हत्याकांड की किसी को कोई भनक तक नहीं लगी थी।्र
मृतक के भाई सुनील की शिकायत पर सदर पुलिस ने इस संंबंध में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। पवन हत्याकांड की जांच सीआईए द्वितीय के इंचार्ज रवींद्र कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने इस हत्याकांड के
शुरुआत से ही विभिन्न पहलुओं पर अपनी जांच की सूई घुमाई। पुलिस की फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वाड टीम ने वारदात स्थल पर करीब दो घंटे तक गहन जांच पड़ताल की थी। इससे हत्यारे के सुराग घर के अंदर ही मिल रहे थे।
परिवार के अन्य सदस्यों के कमरे के बाहर लगा दी थी कुंडी
पवन की हत्या से पहले सुनील ने घर के अंदर उसकी मां सत्यभामा, भाभी पुष्पा, भतीजा अरविंद के कमरे के बाहर कुंडी लगा दी थी। जबकि वह खुद अलग कमरे में था। इसके बाद कुल्हाड़ी से भाई की गर्दन पर वार कर उसे मौत के घाट उतार डाला। अगली सुबह पुष्पा ने सुनील के पास ही फोन मिलाकर कुंडी खुलवाई थी। हत्यारे ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी को भी गांव के जोहड़ में फेंक दिया था। जिसे बाद में पुलिस ने मौके पर उसे ले जाकर हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी को भी पानी से बाहर निकलवाकर बरामद कर लिया है।
2000 में शुरू किया था ईंट भट्ठे का कारोबार
पवन कॉलेज समय में 1989 में वैश्य महाविद्यालय में छात्र संघ सचिव रह चुका था। वे दो भाई थे। बड़ा पवन और छोटा सुनील। सुनील अभी अविवाहित है, जबकि पवन दो बच्चों का पिता था। उसके दोनों बच्चों की शादी हो चुकी थी, मगर दोनों का ही तलाक भी हो चुका था। उन्होंने सन 2000 में ईंट भट्ठे का कारोबार शुरू किया था। ईंट भट्ठे का कारोबार सुनील संभाल रहा था, जबकि पवन गांव में ही करीब तीन साल से राशन वितरण का डिपो संचालक था। कुछ अर्से पहले पवन का एक्सीडेंट हो गया था। इस दौरान पवन कोमा में भी चला गया था। इसके बाद वह ठीक हो गया और गांव में ही डिपो का काम संभालने लगा था।
बापोड़ा के पवन हत्याकांड में उसी का छोटा भाई सुनील हत्यारा निकला है। सुनील को सीआईए पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया है। पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह आपसी झगड़ा और पारिवारिक कलह सामने आई है। -नरेंद्र बिजारणिया, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।