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Bhiwani News: उम्मीद के पंख... इंट्रामेडुलरी पिन ने बचाई बेजुबान की जिंदगी, राजकीय पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने दुर्लभ पक्षी रेड-नैप्ड आईबिस का किया सफल ऑपरेशन
Thu, 07 May 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 07 May 2026 11:20 PM IST
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पक्षी का इलाज करते विशेषज्ञ।
भिवानी। राजकीय जिला पशु चिकित्सालय एवं पॉलीक्लिनिक के चिकित्सकों ने अपनी विशेषज्ञता और तत्परता से एक अत्यंत दुर्लभ पक्षी रेड-नैप्ड आईबिस को नया जीवन दिया है। वन्यजीव निरीक्षक (मिनी जू) द्वारा गंभीर स्थिति में अस्पताल लाए गए इस पक्षी की बाईं ''ह्यूमरस'' हड्डी पूरी तरह फ्रैक्चर थी।
डॉ. सुभाष के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। डॉ. सुभाष ने बताया कि पक्षी का आकार छोटा और हड्डियां बेहद नाजुक होने के कारण यह सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी। हमने छोटी धातु पिन (इंट्रामेडुलरी पिनिंग तकनीक) की सहायता से हड्डी को प्राकृतिक रूप से जोड़ा। लगभग 2 घंटे तक चली इस सर्जरी में डॉ. सोनू, डॉ. मुकेश, दीपक, परवीन और बीना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में पक्षी की स्थिति स्थिर है और उसे सदमे से बाहर निकाल लिया गया है।
आधुनिक सर्जरी का केंद्र बना जिला पॉलीक्लिनिक
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने कहा कि जिला पॉलीक्लिनिक अब अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र बन चुका है। यहाँ न केवल सामान्य उपचार बल्कि सीजेरियन सेक्शन, ट्यूमर सर्जरी, रूमेनोटॉमी और बोन पिनिंग जैसे जटिल ऑपरेशन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। उपमंडलाधिकारी डॉ. राजेश जाखड़ ने बताया कि विभाग जल्द ही गोवंश और भैंसवंश को मुंहखुर जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रहा है।
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उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए टीकाकरण अनिवार्य है। जब विभाग के कर्मचारी टीकाकरण के लिए आपके द्वार आएं, तो कृपया उनका सहयोग करें और अपने पशुओं का टीकाकरण जरूर करवाएं।
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डॉ. सुभाष के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। डॉ. सुभाष ने बताया कि पक्षी का आकार छोटा और हड्डियां बेहद नाजुक होने के कारण यह सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी। हमने छोटी धातु पिन (इंट्रामेडुलरी पिनिंग तकनीक) की सहायता से हड्डी को प्राकृतिक रूप से जोड़ा। लगभग 2 घंटे तक चली इस सर्जरी में डॉ. सोनू, डॉ. मुकेश, दीपक, परवीन और बीना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में पक्षी की स्थिति स्थिर है और उसे सदमे से बाहर निकाल लिया गया है।
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आधुनिक सर्जरी का केंद्र बना जिला पॉलीक्लिनिक
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र सहरावत ने कहा कि जिला पॉलीक्लिनिक अब अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का केंद्र बन चुका है। यहाँ न केवल सामान्य उपचार बल्कि सीजेरियन सेक्शन, ट्यूमर सर्जरी, रूमेनोटॉमी और बोन पिनिंग जैसे जटिल ऑपरेशन नियमित रूप से किए जा रहे हैं। उपमंडलाधिकारी डॉ. राजेश जाखड़ ने बताया कि विभाग जल्द ही गोवंश और भैंसवंश को मुंहखुर जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रहा है।
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उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए टीकाकरण अनिवार्य है। जब विभाग के कर्मचारी टीकाकरण के लिए आपके द्वार आएं, तो कृपया उनका सहयोग करें और अपने पशुओं का टीकाकरण जरूर करवाएं।