{"_id":"57c6f1b64f1c1bb80d2cb09b","slug":"water-villegers-protest-bhiwani","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं ने एक्सईएन कार्यालय का किया घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं ने एक्सईएन कार्यालय का किया घेराव
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
58 घंटे बाद भी बरसाती पानी शहर वासियों के लिए परेशानी बना है। दर्जनभर कॉलोनियों में पानी जमा है। बरसाती पानी निकासी नहीं होने से खफा डाबर कॉलोनी के लोगों ने एक्सईएन कार्यालय के बाहर हंगामा किया और कार्यालय का घेराव किया। बापोड़ा गांव के ग्रामीणों ने भी लघु सचिवालय के बाहर रोष जताकर पानी निकासी की मांग की।
सोमवार को हुई बरसात लोगों के लिए 58 घंटे बाद भी परेशानी बनी है। शहर की एमसी कॉलोनी, डाबर कॉलोनी, वाल्मीकि बस्ती, इंडस्ट्रीज एरिया, कन्हीराम अस्पताल क्षेत्र, जीतूवाला जोहड़ क्षेत्र में पानी भरा है। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसाती पानी से परेशान डाबर कॉलोनी की गली नंबर 15 व 17 के लमोग बुधवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उपायुक्त कार्यालय में पानी निकासी की मांग को लेकर रोष जताया। रोष जताने वालों में खासी संख्या में महिलाएं शामिल रही। यहां संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कॉलोनी वासी जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पहुंचे और एक्सईएन कार्यालय भवन के दरवाजे बंद कर धरना दिया। कॉलोनी वासियों ने विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। बाद में एक्सईएन संजीव त्यागी, एसडीओ मुंझाल अपनी टीम के साथ कॉलोनी में पहुंचे और पानी का निरीक्षण किया। साथ ही जल्द पानी निकासी का आश्वासन दिया। रोष जताने वालों में परेश्वर लाल शर्मा, कर्ण सिंह, विजय, राजेंद्र, बिंटू, कैलाश, मनीष, रोहित, नरेश, शीला, प्रहलाद राय, सत्यनारायण, संदीप, सुरेश, मनोज आदि मौजूद रहे। एमसी कॉलोनी के लोग स्वयं जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के साथ मिलकर पानी निकासी की व्यवस्था करते देखे गए।
विज्ञापन
बापोड़ा के ग्रामीणों ने भी जताया रोष
बापोड़ा गांव के ग्रामीण भी लघु सचिवालय पहुंचे और बताया कि गांव की कुछ बस्तियों में तीन-तीन फुट तक पानी भरा हुआ है। गांव की हरिजन बस्ती से पहुंचे लोगों ने बताया कि उनका रहना मुश्किल हो गया है। न बाहर जा सकते है और घरों में भी पानी भरा हुआ है। बस्ती वासियों ने पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।
बरसात में कबाड़ा हुई नई सड़क
भिवानी। शहर की तीन नई सड़कें दिनोद गेट से घंटाघर चौक तक, बीटीएम चौक से रेस्ट हाउस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए है। गड्ढों के कारण निर्माण सामग्री पर भी सवाल खड़े हो रहे है। बीटीएम चौक क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जमी हुई निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है। जिस कारण सड़क बदहाल हुई। पुरानी सड़कों की हालत ज्यादा खस्ताहाल है। शहर के रोहतक गेट चौक, सरकुल रोड, बस स्टैंड के पास, रोहतक रोड, दादरी गेट, बावड़ी गेट, हालुवास गेट, महम गेट, जालान अस्पताल के सामने, हांसी रोड पूर्व मुख्यमंत्री आवास के सामने, इसी मार्ग पर भाजपा कार्यालय के सामने, बासिया भवन से हुडा पार्क मार्ग, कोर्ट मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण हर रोज हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
सोमवार को हुई बरसात लोगों के लिए 58 घंटे बाद भी परेशानी बनी है। शहर की एमसी कॉलोनी, डाबर कॉलोनी, वाल्मीकि बस्ती, इंडस्ट्रीज एरिया, कन्हीराम अस्पताल क्षेत्र, जीतूवाला जोहड़ क्षेत्र में पानी भरा है। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बरसाती पानी से परेशान डाबर कॉलोनी की गली नंबर 15 व 17 के लमोग बुधवार सुबह लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उपायुक्त कार्यालय में पानी निकासी की मांग को लेकर रोष जताया। रोष जताने वालों में खासी संख्या में महिलाएं शामिल रही। यहां संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कॉलोनी वासी जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पहुंचे और एक्सईएन कार्यालय भवन के दरवाजे बंद कर धरना दिया। कॉलोनी वासियों ने विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। बाद में एक्सईएन संजीव त्यागी, एसडीओ मुंझाल अपनी टीम के साथ कॉलोनी में पहुंचे और पानी का निरीक्षण किया। साथ ही जल्द पानी निकासी का आश्वासन दिया। रोष जताने वालों में परेश्वर लाल शर्मा, कर्ण सिंह, विजय, राजेंद्र, बिंटू, कैलाश, मनीष, रोहित, नरेश, शीला, प्रहलाद राय, सत्यनारायण, संदीप, सुरेश, मनोज आदि मौजूद रहे। एमसी कॉलोनी के लोग स्वयं जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों के साथ मिलकर पानी निकासी की व्यवस्था करते देखे गए।
विज्ञापन
बापोड़ा के ग्रामीणों ने भी जताया रोष
बापोड़ा गांव के ग्रामीण भी लघु सचिवालय पहुंचे और बताया कि गांव की कुछ बस्तियों में तीन-तीन फुट तक पानी भरा हुआ है। गांव की हरिजन बस्ती से पहुंचे लोगों ने बताया कि उनका रहना मुश्किल हो गया है। न बाहर जा सकते है और घरों में भी पानी भरा हुआ है। बस्ती वासियों ने पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।
बरसात में कबाड़ा हुई नई सड़क
भिवानी। शहर की तीन नई सड़कें दिनोद गेट से घंटाघर चौक तक, बीटीएम चौक से रेस्ट हाउस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए है। गड्ढों के कारण निर्माण सामग्री पर भी सवाल खड़े हो रहे है। बीटीएम चौक क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जमी हुई निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है। जिस कारण सड़क बदहाल हुई। पुरानी सड़कों की हालत ज्यादा खस्ताहाल है। शहर के रोहतक गेट चौक, सरकुल रोड, बस स्टैंड के पास, रोहतक रोड, दादरी गेट, बावड़ी गेट, हालुवास गेट, महम गेट, जालान अस्पताल के सामने, हांसी रोड पूर्व मुख्यमंत्री आवास के सामने, इसी मार्ग पर भाजपा कार्यालय के सामने, बासिया भवन से हुडा पार्क मार्ग, कोर्ट मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इन गड्ढों के कारण हर रोज हादसे हो रहे हैं।