फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   water supply, line, leak, 250 landfill

पेयजल लाइन ठीक करने को 250 से अधिक खोदे गड्ढ़े फिर भी शहरवासी पी रहे गंदा पानी

Fri, 24 Jan 2020 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
water supply, line, leak, 250 landfill
लीक पेयजल लाइन की मरम्मत को लेकर पब्लिक हेल्थ द्वारा खोदा गया गड्ढा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
अधिकांश शहरी आबादी दूषित पेयजल आपूर्ति का दंश झेल रही है। विभाग जब तक जर्जर हाल पेयजल लाइनों को बदली करेगा, तब तक तो लगभग आधी शहरी आबादी की हालत पतली हो जाएगी। शहर के करीब पौने तीन लाख आबादी पर दूषित पानी की आपूर्ति का खतरा मंडरा रहा है। इसमें निजी कनेक्शनों की लीकेज व सीवरेज लाइनों के अंदर से पेयजल लाइन क्रॉस होना मुख्य वजह मानी जा रही है, लेकिन इनका समाधान अधिकारी चंडीगढ़ मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद ही कर पाएंगे।
विज्ञापन

वहीं पब्लिक हेल्थ विभाग ने दूषित पानी की आपूर्ति का समाधान ढूंढने के नाम पर ही करीब 250 गड्ढ़े खोद डाले हैं। ठेकेदार के कर्मचारियों ने हर गली-मोहल्ले व मुख्य सड़कों के किनारे लीकेज ठीक करने के नाम पर खोदे गड्ढों को शायद पाटना भी जरूरी नहीं समझा है। कई गड्ढ़ों के अंदर तो पानी भरा है, जो अब हादसों की वजह भी बन रहे हैं।
विज्ञापन

अधिकांश शहर के अंदर करीब 40 साल पुरानी पेयजल लाइन हैं, जिसमें काफी जगह लीकेज की वजह से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। अधिकांश पुराने शहर के लोग दूषित पानी की आपूर्ति का सामना कर रहे हैं। ये लोग सीएम विंडो से लेकर पब्लिक हेल्थ में ऑनलाइन और ऑफ लाइन तक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। इन शिकायतों को निपटाने में ही पब्लिक हेल्थ अधिकारियों के भी पसीने छूट रहे हैं। सर्दी के मौसम में मुख्य लाइनों की लीकेज भी दूषित पानी की आपूर्ति की वजह बनी है। इन लाइनों में लीकेज से हजारों लीटर पानी पहले तो सड़क या फिर सीवर के अंदर व्यर्थ बह रहा है और फिर इसी लाइन में दूषित पानी वापस भी पहुंच रहा है, जो आसपास के इलाके की पानी की आपूर्ति को भी प्रदूषित कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरे शहर के अंदर 60 से 70 किलोमीटर तक की पेयजल लाइनों का जाल बिछा हुआ है। इस बीच दर्जनों जगहों पर तो पब्लिक हेल्थ विभाग को लीकेज भी मिली हैं, मगर यहां मुश्किल ये भी है कि एक लीकेज को ठीक करते हैं तो दूसरी जगह नई लीकेज फिर से हो जाती है। जबकि जमीन के अंदर कई सालों से दबे पड़े खुले निजी पेयजल कनेक्शनों के जरिए भी दूषित पानी वापस घरों तक ही पहुंच रहा है। शहर के अंदरूनी इलाकों में तो गलियों के अंदर डाली गई पेयजल लाइन सीवरेज मैनहोल के अंदर से क्रॉस हो रही हैं। इस वजह से भी दूषित पानी आपूर्ति की अधिक संभावनाएं हैं।
पीने तो दूर कपड़े, हाथ धोने लायक भी नहीं पानी : शहर के जिन इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही हैं वहां के लोगों का कहना है कि इस पानी का इस्तेमाल करना तो दूर हाथ धोने के बाद बदबू नहीं जा रही है। अगर गलती से इसे पी लिया तो फिर उल्टियां होने लगती हैं। इसे कपड़े धोने और नहाने से लेकर शौचालय तक में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। जिन इलाकों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही हैं वहां पर पब्लिक हेल्थ विभाग टैंकरों के जरिए भी दूषित पानी की आपूर्ति का वैकल्पिक प्रबंध नहीं कर पा रहा है। इस वजह से शहरवासियों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं।
पॉश कॉलोनियों में भी दूषित पेयजलापूर्ति : पुराने शहर की कॉलोनियों में ही नहीं दूषित पेयजलापूर्ति शहर की पॉश कॉलोनियों में भी हो रही है। सेक्टर 13, 23, विकास नगर, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग भी दूषित पेयजलापूर्ति से परेशान है।
यहां बनी है अधिक समस्या : दादरी गेट, हनुमान ढाणी, लक्ष्मीनगर, जीतूवाला जोहड़ फाटक, टीआईटी कॉलोनी, बीटीएम चौक क्षेत्र, चिरंजीव कॉलोनी, लेबर कॉलोनी, बिचला बाजार, पतराम गेट क्षेत्र, टाइयान पाना, शांतिनगर, उत्तम नगर आदि में दूषित पानी की ज्यादा समस्या है।
गर्म किया हुआ पानी करें इस्तेमाल : विशेषज्ञों ने दूषित पानी के कारण बढ़ रही बीमारियों से बचाव के लिए पानी को गर्म करके उपयोग करने की सलाह दी है। कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि पानी को गर्म करने के बाद ठंडा कर पीने में प्रयोग करें। पानी को साफ करने में लाल दवाई का भी प्रयोग किया जा सकता है।

जहां पर भी लीकेज की सूचना मिलती है, वहां पर खुदाई कर उसकी वजह का पता लगाया जाता है। लगभग 250 से अधिक जगह खुदाई की गई है। फिलहाल कई जगह पर लीकेज ठीक करने का काम भी चल रहा है। लेकिन अधिक पुरानी लाइनों में कई जगह लीकेज और निजी कनेक्शनों की वजह से भी दूषित आपूर्ति सामने आई है, जिसे विभाग के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी लाया जा चुका है।
- राजेंद्र जेई, पब्लिक हेल्थ विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed