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Bhiwani News: सिवानी और बहल में बेमौसम बारिश का अधिक कहर, 16 से 18 एमएम बारिश में फसल तबाह
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भिवानी। तीन दिन तक हुई बेमौसम बारिश ने जिले के सिवानी और बहल खंड में अधिकांश गेहूं और सरसों की फसल में करीब 30 फीसदी तक नुकसान की आशंका है। वहीं भिवानी, लोहारू, तोशाम और कैरू खंड में भी बारिश ने खेत में खड़ी फसल को बिछा दिया। इससे फसलों में 20 फीसद तक नुकसान की आशंका है।
किसानों को खराब हुई फसल का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, मगर अभी तक पोर्टल भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। वहीं अधिकारियों ने भी अभी गिरदावरी के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। वहीं बेमौसम बारिश ने मंडियों में सरसों की खरीद पर भी ब्रेक लगा दिया है। इसकी वजह से अपनी फसल निकाल चुके किसान भी परेशान हैं। हैफेड ने सरकारी खरीद में अभी से हाथ खड़े कर दिए हैं वहीं नेफेड एजेंसी का भी कोई अता पता नहीं है।
भिवानी जिले में लगातार तीन दिनों तक आसमान से आफत बरसी। सिवानी खंड में सबसे अधिक 18 एमएम तो बहल खंड में 16 एमएम औसतन बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने गेहूं की फसल को ही तबाह कर डाला। जबकि भिवानी, लोहारू, तोशाम और कैरू खंड में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के साथ चली तेज हवा ने भी अधिकतर गेहूं की फसल को खेत में ही बिछा दिया। हालांकि कहीं पर ओलावृष्टि नहीं हुई। फिर भी किसानों की पकाव की ओर पहुंच चुकी फसल में बेमौसम बारिश से काफी नुकसान है। जिसका आंकलन भी अभी शुरू नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने किसानों को खराब फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, मगर अभी तक पोर्टल भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। जिला स्तर पर भी स्पेशल गिरदावरी के लिए अभी अधिकारी हरकत में नहीं आए हैं। हालांकि कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।
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हैफेड न नेफेड, बारिश से सड़ रही मंडी में किसानों की ढेरियां
जिला मुख्यालय की मंडी में हैफेड न नेफेड के अधिकारी पहुंच रहे हैं, ऐसे में बारिश में भीग चुकी किसानों की सरसों की ढेरियां अब सड़ने लगी हैं। भीगी हुई सरसों के दाने फूल गए हैं, जिसके अब प्राइवेट खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं। बेमौसम बारिश के बाद भी सरकारी खरीद पर ब्रेक लगा है। अभी तक अधिकारी भिवानी मंडी में ही एक हजार क्विंटल का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए हैं।
नहीं पता कब होगी सरसों की खरीद, कब मिलेंगे पैसे
मंडी पहुंचे किसान दयाकिशन, राममेहर, मनोहरलाल, कर्मबीर का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि उनकी सरसों कब तक खरीद होगी और कब उन्हें पैसे मिलेंगे। मंडी में बारिश से ढेरियों में काफी सरसों भीग चुकी है। जो अब बेकार हो गई है। नमी भी अधिक हो गई है। जिसे सुखाने में भी अब काफी वक्त लगेगा। खरीद को लेकर भी असमंजस बना है। कोई अधिकारी संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रहा है।
भिवानी जिले में तीन दिन में जिलेभर में ये हुई औसतन बारिश
खंड का नाम- बारिश एमएम में दर्ज
भिवानी-
चार एमएम
लोहारू-
चार एमएम
सिवानी-
18 एमएम
बहल-
16 एमएम
तोशाम-
चार एमएम
कैरू-
चार एमएम
बवानीखेड़ा-
बूंदाबांदी
अभी मौसम खराब है, जैसे ही मौसम साफ होगा सरसों की खरीद शुरू करा देंगे। किसानों से भी मौसम साफ होने के बाद सुखाकर अपनी सरसों की फसल लाने का अनुरोध किया गया है।
-अनुराग अग्रवाल, जिला प्रबंधक, हैफेड, भिवानी।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सदन में ही बैमौसम बारिश में खराब हुई किसानों की फसल की भरपाई कराने की घोषणा कर दी थी। सभी अधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से खराब हुई फसलों के आंकलन के निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों का बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है वे पोर्टल पर अपना ब्यौरा दर्ज कराएं। सरकार उनके नुकसान की भरपाई कराएगी।
-जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा सरकार।
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किसानों को खराब हुई फसल का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, मगर अभी तक पोर्टल भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। वहीं अधिकारियों ने भी अभी गिरदावरी के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं। वहीं बेमौसम बारिश ने मंडियों में सरसों की खरीद पर भी ब्रेक लगा दिया है। इसकी वजह से अपनी फसल निकाल चुके किसान भी परेशान हैं। हैफेड ने सरकारी खरीद में अभी से हाथ खड़े कर दिए हैं वहीं नेफेड एजेंसी का भी कोई अता पता नहीं है।
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भिवानी जिले में लगातार तीन दिनों तक आसमान से आफत बरसी। सिवानी खंड में सबसे अधिक 18 एमएम तो बहल खंड में 16 एमएम औसतन बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने गेहूं की फसल को ही तबाह कर डाला। जबकि भिवानी, लोहारू, तोशाम और कैरू खंड में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। इस बारिश के साथ चली तेज हवा ने भी अधिकतर गेहूं की फसल को खेत में ही बिछा दिया। हालांकि कहीं पर ओलावृष्टि नहीं हुई। फिर भी किसानों की पकाव की ओर पहुंच चुकी फसल में बेमौसम बारिश से काफी नुकसान है। जिसका आंकलन भी अभी शुरू नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने किसानों को खराब फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, मगर अभी तक पोर्टल भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। जिला स्तर पर भी स्पेशल गिरदावरी के लिए अभी अधिकारी हरकत में नहीं आए हैं। हालांकि कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।
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हैफेड न नेफेड, बारिश से सड़ रही मंडी में किसानों की ढेरियां
जिला मुख्यालय की मंडी में हैफेड न नेफेड के अधिकारी पहुंच रहे हैं, ऐसे में बारिश में भीग चुकी किसानों की सरसों की ढेरियां अब सड़ने लगी हैं। भीगी हुई सरसों के दाने फूल गए हैं, जिसके अब प्राइवेट खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं। बेमौसम बारिश के बाद भी सरकारी खरीद पर ब्रेक लगा है। अभी तक अधिकारी भिवानी मंडी में ही एक हजार क्विंटल का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए हैं।
नहीं पता कब होगी सरसों की खरीद, कब मिलेंगे पैसे
मंडी पहुंचे किसान दयाकिशन, राममेहर, मनोहरलाल, कर्मबीर का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि उनकी सरसों कब तक खरीद होगी और कब उन्हें पैसे मिलेंगे। मंडी में बारिश से ढेरियों में काफी सरसों भीग चुकी है। जो अब बेकार हो गई है। नमी भी अधिक हो गई है। जिसे सुखाने में भी अब काफी वक्त लगेगा। खरीद को लेकर भी असमंजस बना है। कोई अधिकारी संतोषजनक जवाब भी नहीं दे रहा है।
भिवानी जिले में तीन दिन में जिलेभर में ये हुई औसतन बारिश
खंड का नाम- बारिश एमएम में दर्ज
भिवानी-
चार एमएम
लोहारू-
चार एमएम
सिवानी-
18 एमएम
बहल-
16 एमएम
तोशाम-
चार एमएम
कैरू-
चार एमएम
बवानीखेड़ा-
बूंदाबांदी
अभी मौसम खराब है, जैसे ही मौसम साफ होगा सरसों की खरीद शुरू करा देंगे। किसानों से भी मौसम साफ होने के बाद सुखाकर अपनी सरसों की फसल लाने का अनुरोध किया गया है।
-अनुराग अग्रवाल, जिला प्रबंधक, हैफेड, भिवानी।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सदन में ही बैमौसम बारिश में खराब हुई किसानों की फसल की भरपाई कराने की घोषणा कर दी थी। सभी अधिकारियों को भी तत्काल प्रभाव से खराब हुई फसलों के आंकलन के निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों का बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है वे पोर्टल पर अपना ब्यौरा दर्ज कराएं। सरकार उनके नुकसान की भरपाई कराएगी।
-जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा सरकार।