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घर में शौचालय नहीं बनवाया तो नहीं मिलेगा राशन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 25 Jun 2016 01:08 AM IST
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भिवानी। अगर आपके घर में शौचालय नहीं है, तो जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से दिए जाने वाले राशन की सप्लाई रोकी जा सकती है। आगामी सितंबर माह तक बिना शौचालय वाले घरों का राशन रोका जाएगा ताकि वे लोग शौचालय निर्माण करवाए व खुले में शौच जाना बंद कर सके।
यह खुलासा शुक्रवार को डीआरडीए हाल में प्रेस कॉफ्रेंस में एडीसी धीरेंद्र खरगटा ने किया। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 26 पंचायतों को राज्य कमेटी की ओर से खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है। वहीं 27 पंचायतों ने शत-प्रतिशत घरों मेें शौचालय निर्माण का दावा किया है। इसके अलावा 47 पंचायतें आगामी 30 जून तक खुले में शौच मुक्त हो जाएगी।
एडीसी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्त होने वाली पंचायतों को जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम अधिकारी मनोज जैन ने बताया कि प्रदेशभर में 86 प्रतिशत घरों में शौचालय है। जिले में यह 87 प्रतिशत है। शेष 13 प्रतिशत घरों में भी जल्द ही लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।
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फेसबुक, ट्विटर पर अपडेट हो रही हर गतिविधि
एडीसी धीरेंद्र ने बताया कि अभियान के अंतर्गत एडीसी कार्यालय टीम के रूप में सीबीएलयू सामाजिक विभाग के विद्यार्थी ग्रामीणों को खुले में शौच न जाने के बारे में जागरूक कर रहे है। रोजाना अलग-अलग गांवों में चल रहे जागरूकता अभियान की हर गतिविधि डीआरडीए के फेसबुक, ट्विटर अकाउंट पर लगातार अपडेट की जा रही है। अभियान की सफलता के लिए जन भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। जिला विकास अभिकरण की ओर से सितंबर माह में नुक्कड़ नाटकों, लघु नाटिका आदि से अभियान को गति दी जाएगी। वहीं ग्राम स्तर पर महिलाओं, बच्चों व प्रबुद्ध नागरिकों की टीम बनाकर खुले में शौच जाने वालों को जागरूक करने का काम करेगी। हमें मौलिक अधिकारों ही नहीं बल्कि मौलिक कर्तव्यों का भी अनुमान होना जरूरी है।
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यह खुलासा शुक्रवार को डीआरडीए हाल में प्रेस कॉफ्रेंस में एडीसी धीरेंद्र खरगटा ने किया। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 26 पंचायतों को राज्य कमेटी की ओर से खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया है। वहीं 27 पंचायतों ने शत-प्रतिशत घरों मेें शौचालय निर्माण का दावा किया है। इसके अलावा 47 पंचायतें आगामी 30 जून तक खुले में शौच मुक्त हो जाएगी।
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एडीसी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्त होने वाली पंचायतों को जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम अधिकारी मनोज जैन ने बताया कि प्रदेशभर में 86 प्रतिशत घरों में शौचालय है। जिले में यह 87 प्रतिशत है। शेष 13 प्रतिशत घरों में भी जल्द ही लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।
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एडीसी धीरेंद्र ने बताया कि अभियान के अंतर्गत एडीसी कार्यालय टीम के रूप में सीबीएलयू सामाजिक विभाग के विद्यार्थी ग्रामीणों को खुले में शौच न जाने के बारे में जागरूक कर रहे है। रोजाना अलग-अलग गांवों में चल रहे जागरूकता अभियान की हर गतिविधि डीआरडीए के फेसबुक, ट्विटर अकाउंट पर लगातार अपडेट की जा रही है। अभियान की सफलता के लिए जन भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। जिला विकास अभिकरण की ओर से सितंबर माह में नुक्कड़ नाटकों, लघु नाटिका आदि से अभियान को गति दी जाएगी। वहीं ग्राम स्तर पर महिलाओं, बच्चों व प्रबुद्ध नागरिकों की टीम बनाकर खुले में शौच जाने वालों को जागरूक करने का काम करेगी। हमें मौलिक अधिकारों ही नहीं बल्कि मौलिक कर्तव्यों का भी अनुमान होना जरूरी है।