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अबकी बार स्वच्छता सर्वे में नप के साथ जनस्वास्थ्य विभाग की भी होगी परीक्षा
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रेलवे रोड स्थित यूनिपोल पर जिला प्रशासन द्वारा होर्डिंग लगाकर लोगों को साफ सिटी-सेफ सिटी का दिया
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। स्वच्छता रैंकिंग में लगातार पिछड़ते भिवानी नगर परिषद ने एक बार फिर स्वच्छता सर्वे की तैयारी कर ली है। वर्ष 2023 का स्वच्छता सर्वे कई मायनों में खास होगा। इस बार स्वच्छता का मूल्यांकन 7500 नहीं बल्कि 9500 अंकों के आधार पर होगा। मूल्यांकन नगर परिषद की व्यवस्थाओं का ही नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य विभाग के गंदे पानी के ट्रीटमेंट व्यवस्था, सीवर सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का भी होगा। इस बार शहर की सरकार भी नई है और चेयरपर्सन प्रीति भवानी प्रताप भी जल्द ही अपनी कुर्सी संभालने वाली हैं। ऐसे में इस बार स्वच्छता सर्वे खास होगा।
स्वच्छता सर्वे 2023 की तैयारी हो गई है और इसके संबंध में नई गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। पिछले कुछ सालों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस बार कुछ खास की आस है। इस बार स्वच्छता सर्वे में काफी बदलाव भी किया गया है। स्वच्छता सर्वे में की गई नई व्यवस्थाओं की बात करें तो इस बार नगर परिषद की ओर से आमजन को दी जानी वाली सुविधाओं के मूल्यांकन के 4525 अंक निर्धारित किए गए हैं। यानी सबसे अधिक 48 फीसदी। सर्टिफिकेशन के 26 फीसदी यानी 2500 अंक तय किए गए हैं। बाकी 26 फीसदी यानी 2475 अंक सिटीजन फीडबैक के रहेंगे। स्वच्छता सर्वे में आमजन को दी जा रही सुविधाओं के सबसे ज्यादा अंक 4525 हैं। इनमें सेग्रीगेटिड कोलेक्शन (गीला-सीखा कचरा अलग-अलग) के ही 39 फीसदी यानी 1750 अंक हैं। 40 फीसदी यानी 1830 अंक प्रोसेसिंग और डिस्पोजल (कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया) के रहेंगे। इसके अलावा पहली बार प्रयोग किए पानी के मैनेजमेंट और सफाई मित्र की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। इसके 21 फीसदी यानी 945 अंक तय किए गए हैं। सफाई मित्र यानी सीवर की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा है। इस बार लगभग हर चीज के अंक बढ़ाए गए हैं। इनमें सर्विस प्रोवाइडर में घर-घर से कचरा उठान के पहले 10 फीसदी अंक थे, जिन्हें 13 फीसदी किया गया है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट को दो प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत, स्वच्छ वार्ड के एक प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत, येलो स्पोर्ट के 10 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत अंक किए गए हैं।
सिटीजन फीडबैक होगा खास, दिलाएगा 2475 अंक
स्वच्छता सर्वे में बेहतर रैंकिंग दिलाने में सिटी फीडबैक का अह्म रोल होगा। इसके 26 फीसदी यानी 2475 अंक तय किये गए है। सिटीजन फीडबैक या सिटीजन वाइस के लिए एक अक्तूबर से सर्वे शुरू होगा जो कि 31 जनवरी 2023 तक चलेगा।
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2022 में भी रैंकिंग सुधरने के बजाय पिछड़ने की संभावना
स्वच्छता सर्वे 2022 के लिए भी नगर परिषद और जिला प्रशासन ने काफी तैयारी की थी मगर सर्वे के लिए टीम जब आई, उस समय नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन के लिए काम छोड़ हड़ताल पर थे। ऐसे में शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे थे। नगर परिषद अधिकारियों, कर्मचारियों को सर्वे के लिए आई केंद्रीय टीम के आने का भी नहीं पता लगा। इस कारण टीम ने अपने स्तर पर ही सर्वे किया है।
स्वच्छता में भिवानी की रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 238
2019 232
2020 166
2021 244
2022 का परिणाम आना अभी बाकी है।
इस बार स्वच्छता पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्वच्छता के लिए जरूरी संसाधन कर्मचारियों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। स्वच्छता को लेकर जल्द ही एजेंसी को भी ठेका दिया जाएगा। शहर को साफ-सुंदर बनाना पहली प्राथमिकता है।
- प्रीति भवानी प्रताप, चेयरपर्सन, नगर परिषद भिवानी
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स्वच्छता सर्वे 2023 की तैयारी हो गई है और इसके संबंध में नई गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। पिछले कुछ सालों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस बार कुछ खास की आस है। इस बार स्वच्छता सर्वे में काफी बदलाव भी किया गया है। स्वच्छता सर्वे में की गई नई व्यवस्थाओं की बात करें तो इस बार नगर परिषद की ओर से आमजन को दी जानी वाली सुविधाओं के मूल्यांकन के 4525 अंक निर्धारित किए गए हैं। यानी सबसे अधिक 48 फीसदी। सर्टिफिकेशन के 26 फीसदी यानी 2500 अंक तय किए गए हैं। बाकी 26 फीसदी यानी 2475 अंक सिटीजन फीडबैक के रहेंगे। स्वच्छता सर्वे में आमजन को दी जा रही सुविधाओं के सबसे ज्यादा अंक 4525 हैं। इनमें सेग्रीगेटिड कोलेक्शन (गीला-सीखा कचरा अलग-अलग) के ही 39 फीसदी यानी 1750 अंक हैं। 40 फीसदी यानी 1830 अंक प्रोसेसिंग और डिस्पोजल (कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया) के रहेंगे। इसके अलावा पहली बार प्रयोग किए पानी के मैनेजमेंट और सफाई मित्र की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। इसके 21 फीसदी यानी 945 अंक तय किए गए हैं। सफाई मित्र यानी सीवर की सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा है। इस बार लगभग हर चीज के अंक बढ़ाए गए हैं। इनमें सर्विस प्रोवाइडर में घर-घर से कचरा उठान के पहले 10 फीसदी अंक थे, जिन्हें 13 फीसदी किया गया है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट को दो प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत, स्वच्छ वार्ड के एक प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत, येलो स्पोर्ट के 10 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत अंक किए गए हैं।
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सिटीजन फीडबैक होगा खास, दिलाएगा 2475 अंक
स्वच्छता सर्वे में बेहतर रैंकिंग दिलाने में सिटी फीडबैक का अह्म रोल होगा। इसके 26 फीसदी यानी 2475 अंक तय किये गए है। सिटीजन फीडबैक या सिटीजन वाइस के लिए एक अक्तूबर से सर्वे शुरू होगा जो कि 31 जनवरी 2023 तक चलेगा।
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2022 में भी रैंकिंग सुधरने के बजाय पिछड़ने की संभावना
स्वच्छता सर्वे 2022 के लिए भी नगर परिषद और जिला प्रशासन ने काफी तैयारी की थी मगर सर्वे के लिए टीम जब आई, उस समय नगर परिषद के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन के लिए काम छोड़ हड़ताल पर थे। ऐसे में शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे थे। नगर परिषद अधिकारियों, कर्मचारियों को सर्वे के लिए आई केंद्रीय टीम के आने का भी नहीं पता लगा। इस कारण टीम ने अपने स्तर पर ही सर्वे किया है।
स्वच्छता में भिवानी की रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 238
2019 232
2020 166
2021 244
2022 का परिणाम आना अभी बाकी है।
इस बार स्वच्छता पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्वच्छता के लिए जरूरी संसाधन कर्मचारियों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। स्वच्छता को लेकर जल्द ही एजेंसी को भी ठेका दिया जाएगा। शहर को साफ-सुंदर बनाना पहली प्राथमिकता है।
- प्रीति भवानी प्रताप, चेयरपर्सन, नगर परिषद भिवानी