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Bhiwani News: बदलती जीवनशैली से युवाओं में बढ़ रही यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या

Sat, 22 Feb 2025 10:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 22 Feb 2025 10:17 PM IST
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The problem of increasing uric acid is increasing among the youth due to changing lifestyle
नागरिक अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
भिवानी। बदलती जीवनशैली व भागदौड़ भरी जिंदगी युवाओं को भी यूरिक एसिड की चपेट में ले रही है। यूरिक एसिड बढ़ने के कारण मरीजों को जोड़ों का दर्द, शरीर पर सूजन जैसी समस्या आ रही है। तनाव भरी जिंदगी में मानसिक दबाव को कम करने के लिए लोग मांस, शराब व बीयर जैसे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। इस कारण उनके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या बन रही है।
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यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से किडनी के कार्य करने की क्षमता घट रही है। किडनी यूरिक एसिड को बहार नहीं निकाल पा रही। इस कारण युवाओं के शरीर में जोड़ों के दर्द, सूजन व हाथ पैरों में जलन व झनझनाहट जैसी समस्या देखी जा रही है। बता दें कि जिला नागरिक अस्पताल में स्थित हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आ रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज यूरिक एसिड से ग्रस्त हैं।
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वहीं अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक के अनुसार यूरिक एसिड किडनी के माध्यम से शरीर से बहार निकलता है। जब यूरिक एसिड बढ़ जाता है तो किडनी से बहार निकलने में समर्थ नहीं होती। इस कारण शरीर में जोड़ों के दर्द व हाथ पैरों में झनझनाहट की समस्या बन जाती है। यूरिक एसिड की जांच करने के लिए खून टेस्ट और यूरिन सैंपल लिया जाता है।
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खून टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि शरीर में यूरिक एसिड का स्तर क्या है। अगर किसी मरीज के शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है तो ऐसी स्थिति में मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे मरीजों को शराब, बीयर, मांस व मीठा युक्त भोजन व पेय पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए।
वहीं ऐसे मरीजों को अपने भोजन में फल, हरी सब्जी, फाइबर युक्त भोजन व ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। वहीं यूरिक एसिड को घरेलू नुस्खों से भी नियंत्रित किया जा सकता है। अपने खान पान में नींबू का पानी, अजवाइन का पानी, अदरख, आंवला व सेब का सिरका को शामिल कर कुछ हद तक यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण
- जोड़ों में दर्द और सूजन।
- चलने में उठने बैठने में परेशानी होना।

- त्वचा में लालिमा।

- हाथों और पैरों में जलन व झनझनाहट होना।

- थकान और बेचैनी महसूस होना।

यूरिक एसिड बढ़ने का कारण
- प्यूरीन युक्त आहार शराब, बीयर, मांस का सेवन ज्यादा करने से।
- किडनी का कमजोर होने पर।
- मोटापा के कारण यूरिक एसिड बढ़ जाता है।

- मीठा ज्यादा खाने से।
कैसे करें बचाव :
-खान पान में बदलाव करें।
-पानी का ज्यादा सेवन करें।
-वजन कम करके भी यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

- योग, पैदल चलना, स्ट्रेचिंग कर भी यूरिक एसिड से बच सकते हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने के कारण हाथ-पैरों में जलन व झनझनाहट होती है। वहीं दवा से यूरिक एसिड पर नियंत्रित किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव कर भी यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।
- डॉ. मनीष श्योराण, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल, भिवानी।
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