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महाराजा अग्रसैन के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक जितने 5 हजार वर्ष पूर्व थे: शिरत्न गुप्ता
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महराजा अग्रसेन की जयंती अवसर पर दिनोद गेट स्थित टिबड़ेवाल सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के आरंभ में विद्यार्थियों ने गणेश वंदना व महाराजा अग्रसेन की प्रस्तुति कर पूरे सभागार के माहौल को भक्तिमय बना दिया। लड़कियों ने राजस्थानी गीत ‘13 ताली’ के द्वारा विभिन्न चेष्टाओं एवं भाव-भंगिमाओं से सबको हतप्रभ कर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। मां वैष्णो देवी की आराधना में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य प्रस्तुति ने सबको आनंदमग्न कर दिया। छोटी बालिका दृष्टि ने ‘सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो’ वीर रस की कविता सुनाकर सभागार में उपस्थित नारी शक्ति को जोश से भर दिया।
वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन गुप्ता ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 5 हजार वर्ष पूर्व थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्याम सर्राफ ने की। विद्यालय महासचिव बृजलाल सर्राफ ने कहा महाराजा अग्रसेन के शासनकाल से पूर्व समाज में हिंसा एवं अशांति का माहौल था। उन्होंने समाज को आपसी भाईचारे एवं प्रेम का महत्व समझाते हुए सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का बीड़ा उठाकर रामराज्य जैसे सुशासन की स्थापना की।
सीबीएलयू के कुलपति राजकुमार मित्तल ने विद्यार्थियों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों पर उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के महासचिव पवन कुमार बुवानीवाला ने कहा कि ‘पशु बली वध’ को समाप्त करने का कठोर निर्णय लेकर महराजा अग्रसेन ने पशुओं के प्रति हिंसा की भावना को समाप्त कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने हरियाणवी एकल नृत्य एवं शिव तांडव की मनमोहक प्रस्तुति दी। मंच संचालन ममता सिंगला व कीर्ति अरोड़ा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ ट्रस्टी विजय किशन अग्रवाल, धर्मचंद दिनोदिया, नंदकिशोर अग्रवाल, जयंती संयोजक व सदस्य वैश्व मॉडल स्कूल प्रवीण गर्ग, सुनीता गुप्ता, पवन अग्रवाल, सुमीत खेमका, मनीष बेरलिया, अग्रवाल सभा के अन्य पदाधिकारी व सदस्य, विद्यालय स्टाफ, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवरतन गुप्ता ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 5 हजार वर्ष पूर्व थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्याम सर्राफ ने की। विद्यालय महासचिव बृजलाल सर्राफ ने कहा महाराजा अग्रसेन के शासनकाल से पूर्व समाज में हिंसा एवं अशांति का माहौल था। उन्होंने समाज को आपसी भाईचारे एवं प्रेम का महत्व समझाते हुए सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का बीड़ा उठाकर रामराज्य जैसे सुशासन की स्थापना की।
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सीबीएलयू के कुलपति राजकुमार मित्तल ने विद्यार्थियों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों पर उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर वैश्य महाविद्यालय ट्रस्ट के महासचिव पवन कुमार बुवानीवाला ने कहा कि ‘पशु बली वध’ को समाप्त करने का कठोर निर्णय लेकर महराजा अग्रसेन ने पशुओं के प्रति हिंसा की भावना को समाप्त कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने हरियाणवी एकल नृत्य एवं शिव तांडव की मनमोहक प्रस्तुति दी। मंच संचालन ममता सिंगला व कीर्ति अरोड़ा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ ट्रस्टी विजय किशन अग्रवाल, धर्मचंद दिनोदिया, नंदकिशोर अग्रवाल, जयंती संयोजक व सदस्य वैश्व मॉडल स्कूल प्रवीण गर्ग, सुनीता गुप्ता, पवन अग्रवाल, सुमीत खेमका, मनीष बेरलिया, अग्रवाल सभा के अन्य पदाधिकारी व सदस्य, विद्यालय स्टाफ, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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